गीत : कल तक जो पालते थे, अब भार हो गये हैं
सम्बन्ध आज सारे, व्यापार हो गये हैं। अनुबन्ध आज सारे, मनुहार हो गये हैं।। न वो प्यार चाहता है, न
Read Moreसम्बन्ध आज सारे, व्यापार हो गये हैं। अनुबन्ध आज सारे, मनुहार हो गये हैं।। न वो प्यार चाहता है, न
Read Moreजब से सत्ता में बढ़ी, शैतानों की माँग। मुर्गे पढ़ें नमाज को, गुर्गे देते बाँग।। — हुए नशे में चूर
Read Moreऐसा होना चाहिए, जल से भरा तड़ाग। जिसके सुमनों में रहे, प्यार और अनुराग।। — नहीं चाहिए चमन में, माली
Read Moreबादल नभ में छा गये, पुरवा बहे बयार। आमों का मौसम गया, सेबों की भरमार।। — फसल धान की खेत
Read Moreबहारों में नहीं दम है, नज़ारों में भरा ग़म है फिजाओं में नहीं दम हैं, सितारों में भरा तम है
Read Moreआसमान से बारिश आई। धरती पर हरियाली छाई।। कोयल गाती मधुर तराना, मौसम कितना हुआ सुहाना, विद्यालय खुल गये हमारे,
Read Moreइन्द्रधनुष के रंग निराले उमड़े बादल काले-काले पल में तोला, पल में माशा नभ में होता आज तमाशा कुदरत के
Read Moreखेतों में हरियाली लेकर आया है चौमास! जीवन में खुशहाली लेकर आया है चौमास!! सन-सन, सन-सन चलती पुरुवा, जिउरा लेत
Read Moreआज फिर बारिश डराने आ गयी। पर्वतों पर कहर ढाने आ गयी। मेघ छाये-गगन काला हो गया, चैन आँखों का
Read Moreनभ में बादल छा गये, मौसम हुआ खराब। इतना भी मत बरसियो, मुरझा जाये गुलाब।। — जल्दी-जल्दी जगत में, अब
Read More