रिश्वतखोरी : शर्मसार करते रिचार्ज
अंतिम सांस गिन रहीं हैं इंसानियत,रिश्वतखोरों की पौ बारह वहशियत।मौत मुनाफे की दुकानों पे नाच रहीं,दुनिया भयानक उत्सव देखती रहीं।
Read Moreअंतिम सांस गिन रहीं हैं इंसानियत,रिश्वतखोरों की पौ बारह वहशियत।मौत मुनाफे की दुकानों पे नाच रहीं,दुनिया भयानक उत्सव देखती रहीं।
Read Moreगाजियाबाद की सोसायटी में,रात दो बजे ऐसी घटना घटी।पूरे देश को दिया हैं झकझोर,तब तक भी नहीं हुई थी भोर।
Read Moreकेंद्रीय मंत्री को ‘नेता प्रतिपक्ष’ ने कहा गद्दार,संसद भवन परिसर में सही नहीं हैं व्यवहार।अपने दल में रहें तो सब
Read Moreदेश में पेश हो चुका है आम केंद्रीय बजट,हर बार ‘राजनीतिक प्रतिक्रिया’ हैं विकट।कोई भी दल हटकर क्यों? नहीं बोल
Read Moreजिधर भी देखिए सब अपने आप में गुम हैं,उन्हें समझ ना आता स्वयं पे होता ज़ूल्म है।जिंदगी में कभी इतने
Read Moreआकर गई हैं जनवरी आएगा अगस्त,नहीं है कोई सुखी, नहीं है कोई मस्त।क्यों? नहीं ये किसी का चेहरा खिला,अपनों से
Read Moreवर्तमान में मिल रहा हैं काग़ज़ी सम्मान,इससे चमक खोता वास्तविक योगदान।आज ये राष्ट्र के आत्ममंथन का अवसर,प्रशंसा-पत्रों को पाने के
Read Moreसोच रहा हूँ क्यों ठिठके हैं सबके कदम?सैकड़ो लोग पुलिस-फायरकर्मियों का दम।क्यों? नहीं बचा पाए एक युवराज की जान,मॉल बनाने
Read Moreबहुत कुछ बोलती हैं स्टेटस की तस्वीरें,नहीं है जुबान उनकी खेंच देती लकीरें।वो अनजाने ही खूब खोल देती है पोल,बिना
Read Moreआईए जिन्दगी का कुछ हिसाब करते हैं,पल-पल बीत गया उसकी बात करते हैं।कोई भी नया मिलें तो मुलाकात करते हैं,यूं
Read More