देवीय गुणों को विकसित करके
अखिल विश्व की पीड़ा हर लो नारी तुम, देवी शक्ति हो, खुद से खुद को जाग्रत कर लो। देवीय गुणों
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Read Moreजीवन पीछे छूट गया है मन मीत अब रूठ गया है। जीवन पीछे छूट गया है।। नहीं, चाव अब मिलने
Read Moreसाकार देवी का पूजन © डा.संतोष गौड़ राष्ट्रप्रेमी नारी का योगदान स्वीकारें, सुक्खों से निज झोली भर लें। प्रतीकों को
Read Moreसमाचार पत्र उठाकर देखें। प्रतिदिन मानवता व परिवार को बिखरने वाले समाचार मिल जाते हैं। पति-पत्नी का रिश्ता परिवार का
Read Moreइतिहास से मुक्त होकर, पगडंडियों से जरा हटकर,कुदृष्टियों और उपदेशों को, पीछे छोड़,परिणामों से जरा संभलकर वर्तमान के साथ चलें।ले
Read Moreभले ही अकेला रहता हूँ। प्रेम तुम्हें करता हूँ। लुटा, पिटा, थका हुआ, बोझ तले दबा हुआ,चाह भी मर चुकी,
Read Moreसमस्याओं से नहीं है डरना। जीवन है फिर क्यूँ है मरना।स्वयं कर्मरत, विकास करें हम, नहीं किसी का चैन है
Read Moreदीपावली का पर्व निकट ही है। विजयादशमी और उसके बाद दीपावली आती है। दशहरा अर्थात विजयादशमी के बीच में अन्तर
Read Moreनहीं कभी कोई, हित होता है माँ, संतान के साथ है हँसती, रोती है, जब सुत रोता है। मात-पिता से
Read Moreबहुत कठिन है सरल होना। स्वीकार गरल का गरल होना। असत्य, कपट, षड्यंत्रों के बीच, ईमानदारी पर गर्व होना। षड्यंत्रकारी
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