आओ फिर साथ चलें
इतिहास से मुक्त होकर, पगडंडियों से जरा हटकर,कुदृष्टियों और उपदेशों को, पीछे छोड़,परिणामों से जरा संभलकर वर्तमान के साथ चलें।ले
Read Moreइतिहास से मुक्त होकर, पगडंडियों से जरा हटकर,कुदृष्टियों और उपदेशों को, पीछे छोड़,परिणामों से जरा संभलकर वर्तमान के साथ चलें।ले
Read Moreभले ही अकेला रहता हूँ। प्रेम तुम्हें करता हूँ। लुटा, पिटा, थका हुआ, बोझ तले दबा हुआ,चाह भी मर चुकी,
Read Moreसमस्याओं से नहीं है डरना। जीवन है फिर क्यूँ है मरना।स्वयं कर्मरत, विकास करें हम, नहीं किसी का चैन है
Read Moreदीपावली का पर्व निकट ही है। विजयादशमी और उसके बाद दीपावली आती है। दशहरा अर्थात विजयादशमी के बीच में अन्तर
Read Moreनहीं कभी कोई, हित होता है माँ, संतान के साथ है हँसती, रोती है, जब सुत रोता है। मात-पिता से
Read Moreबहुत कठिन है सरल होना। स्वीकार गरल का गरल होना। असत्य, कपट, षड्यंत्रों के बीच, ईमानदारी पर गर्व होना। षड्यंत्रकारी
Read Moreसाथी है जो साथ में चलता साथी है जो साथ में चलता, गीत प्रेम का गाया है। नहीं कोई है
Read Moreआगे बढ़कर गले लगाया स्वार्थ पास हमारे आया, हमने तब-तब है ठुकराया। असफलता ही पाई हमने, आगे बढ़कर गले लगाया।।
Read Moreसमाधान बन आगे आओ कर्म से अपनी राह बनाकर जीवन अपना सुखी बनाओ। समस्याएँ नहीं गिनो तुम, समाधान बन आगे
Read Moreअपने पुत्र के जन्म दिवस 8 अगस्त 2025 के लिए गुजरात यात्रा के दौरान रेलगाड़ी में 7 अगस्त 2025 को
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