Author: *डॉ. सत्यवान सौरभ

सामाजिक

बढ़ती छात्र आत्महत्याएँ: कानून हैं, लेकिन संवेदना कहाँ है?

भारत जैसे युवा देश के लिए यह एक शर्मनाक सच्चाई है कि यहाँ हर साल हज़ारों विद्यार्थी पढ़ाई, प्रतिस्पर्धा और

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राजनीति

संघ का शताब्दी वर्ष : आपातकाल की ज्वाला से सेवा की ज्योति तक

भारत का आधुनिक इतिहास अनेक उतार-चढ़ावों और संघर्षों से भरा हुआ है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज़ादी के बाद लोकतंत्र

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सामाजिक

सड़क हादसों की अनकही कहानी – सफ़ेद हेडलाइट्स का सच

रात का सफ़र हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। अंधेरा, धुंध, बारिश – ये सभी कारक सड़क पर जोखिम बढ़ाते हैं। लेकिन

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