महर्षि वाल्मीकि : ज्ञान से जागरण तक”
अंधकार था मन भरा, पापी जीवन खेत।ज्ञान-सूर्य जब उग गया, हटी तमस की रेत।। रत्नाकर से ऋषि हुए, तप से
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Read Moreभारत जैसे युवा देश के लिए यह एक शर्मनाक सच्चाई है कि यहाँ हर साल हज़ारों विद्यार्थी पढ़ाई, प्रतिस्पर्धा और
Read Moreभारत का आधुनिक इतिहास अनेक उतार-चढ़ावों और संघर्षों से भरा हुआ है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज़ादी के बाद लोकतंत्र
Read Moreजन्मदिवस पर लाल के, सुनें एक फ़रियाद।सौरभ सदा बहादुर की, सीखों को रख याद ।। करो-मरो की गूँज से, गूँजा
Read Moreलो फिर पुतला फूँककर,गजब किया संहार।मन के रावण दुष्ट से,गया आदमी हार।। धधक उठी लपटें बड़ी,गूँजे जय-जयकार।भीतर जो था अंधकार,रहा
Read Moreहर साल जब दशहरे की शाम को रावण के विशाल पुतले धू-धू कर जलते हैं, तो दर्शकों की आँखों में
Read Moreदशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहा जाता है, हमारे समाज में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन
Read Moreतुम नमक नहीं, चंदन हो, वीर,हर चौके, छक्के में दिखा दिया धीर।देशभर में फैल गया अद्भुत हर्ष,सदा चमकते रहो हमारे
Read More23 मार्च 1931—लाहौर की जेल में तीन नौजवानों के कदमों की आहट सुनाई देती है। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव
Read Moreरात का सफ़र हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। अंधेरा, धुंध, बारिश – ये सभी कारक सड़क पर जोखिम बढ़ाते हैं। लेकिन
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