जल का विस्मरण : आधुनिकता, अहंकार और सूखती हुई धरती
भारत के समकालीन संकटों में जल सबसे अधिक चर्चित है, पर सबसे कम समझा गया भी। सूखा, बाढ़, गिरता भूजल,
Read Moreभारत के समकालीन संकटों में जल सबसे अधिक चर्चित है, पर सबसे कम समझा गया भी। सूखा, बाढ़, गिरता भूजल,
Read Moreसबको बनाकर मैं बना कुछ कम बना तो क्या हुआ,सबको मिटाकर तुम बने ज़्यादा बने तो क्या हुआ। मेहनत मेरी
Read Moreअरावली पर्वतमाला, जो विश्व की सबसे प्राचीन पर्वत शृंखलाओं में से एक है, पश्चिमी भारत में एक मौन पारिस्थितिक प्रहरी
Read Moreऑस्ट्रेलिया को लंबे समय तक एक ऐसे बहुसांस्कृतिक लोकतंत्र के रूप में देखा गया है, जहाँ विविध धार्मिक, नस्ली और
Read Moreसर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनैच्छिक नार्को‑विश्लेषण परीक्षणों को पुनः असंवैधानिक करार देना भारतीय लोकतंत्र में संविधान की सर्वोच्चता की एक महत्वपूर्ण
Read Moreकिसी भी लोकतांत्रिक समाज में कारागार व्यवस्था केवल अपराध और दंड का प्रतीक नहीं होती, बल्कि वह राज्य की संवेदनशीलता,
Read Moreभारत में स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा और ढांचा तेजी से बदल रहा है। चिकित्सा उपचार, जो कभी सार्वजनिक दायित्व और
Read Moreलोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में वह सच सामने आया जिसे हरियाणा के लोग वर्षों से महसूस
Read Moreभारत के उत्तरी भूगोल में अरावली केवल एक पर्वतमाला नहीं, बल्कि एक जीवित पारिस्थितिक दीवार, एक भूजल भंडार, एक शीतलन
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