भीतर का दीया
इस दिवाली माटी का ही नहीं,भीतर का भी दीया जलाएं। घर की सफाई तो हर साल होती है,पर इस बार
Read Moreइस दिवाली माटी का ही नहीं,भीतर का भी दीया जलाएं। घर की सफाई तो हर साल होती है,पर इस बार
Read Moreदीपों की कतारें अभी बुझी भी नहीं होतीं कि अगली सुबह गोवर्धन पर्व आ जाता है। यह त्योहार केवल भगवान
Read Moreशुभ दीवाली आ गई झूम रहा संसार।माँ लक्ष्मी का आगमन सजे सभी घर द्वार।। सुख वैभव सबको मिले मिले प्यार
Read Moreधनतेरस का नाम लेते ही आंखों के सामने दीपों की उजास, सोने-चांदी की झिलमिलाहट, बाज़ारों का रौनकभरा शोर और पूजा
Read Moreव्रत नहीं यह, ममता की मौन साधना है,संतान के जीवन में उजास की प्रार्थना है।नयनों में दीपक, हृदय में विश्वास
Read Moreदेश की नौकरशाही में एक्सटेंशन संस्कृति आज एक गंभीर समस्या बन चुकी है। वरिष्ठ अधिकारी अपनी सेवा अवधि के बाद
Read Moreकिराये का घर ही नहीं,छूटा-छूटा है बहुत कुछ लोग, कोने, बच्चे, पेड़,पार्क की बेंच पर बची हँसी,खिड़की से झाँकती दोपहरें,सब
Read Moreजिनके सच्चे प्यार ने, भर दी मन की थोथ ।उनके जीवन में रहा, हर दिन करवा चौथ ।। हम ये
Read Moreअंधकार था मन भरा, पापी जीवन खेत।ज्ञान-सूर्य जब उग गया, हटी तमस की रेत।। रत्नाकर से ऋषि हुए, तप से
Read Moreभारत जैसे युवा देश के लिए यह एक शर्मनाक सच्चाई है कि यहाँ हर साल हज़ारों विद्यार्थी पढ़ाई, प्रतिस्पर्धा और
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