Author: *डॉ. सत्यवान सौरभ

पुस्तक समीक्षा

दर्पण में दरार: कुंडलिया छंदों में समाज का अनछुआ सच

डॉ. सत्यवान सौरभ का काव्य-संग्रह “दर्पण में दरार” हिंदी साहित्य में कुंडलिया छंद का एक सशक्त और समकालीन प्रयोग है।

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राजनीति

ऑनलाइन गेमिंग बिल : मनोरंजन, रोजगार और सामाजिक ज़िम्मेदारी के बीच संतुलन की तलाश

लोकसभा में ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को लेकर गहन बहस हुई। सरकार ने इसे समाज में जुए और लत जैसी

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राजनीति

मनीषा हत्याकांड : हरियाणा की कानून-व्यवस्था पर सवाल

“मनीषा की हत्या ने हरियाणा की पुलिस और शासन व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। प्राथमिकी दर्ज करने

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भाषा-साहित्य

साहित्य और सत्ता की तस्वीरें: रसूख, दिखावा और लेखन की गरिमा

लेखक की सबसे बड़ी पूँजी उसके शब्द और उसकी स्वतंत्रता है, न कि सत्ता से नज़दीकी की तस्वीरें। प्रभावशाली व्यक्तियों

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