माँ और प्रकृति
माँ हर सुबह निकलती है,आसमान के रंग संग।एक बोझा लकड़ी का सपना,एक विश्वास — जीवन का ढंग। पगडंडियाँ पहचानती हैं
Read Moreमाँ हर सुबह निकलती है,आसमान के रंग संग।एक बोझा लकड़ी का सपना,एक विश्वास — जीवन का ढंग। पगडंडियाँ पहचानती हैं
Read Moreनन्ही चिड़िया, पंख पसारे,खुले गगन में उड़ने को प्यारे।सपनों की डोरी थामे चल दी,आसमान की ऊँचाई को छूने निकली। सूरज
Read Moreफिर मेरे हिस्से में आया,कोई समझौता नया।किसी ने कहा —“तुम तो बहुत समझदार हो” मैं मुस्करा दिया,जैसे यह तारीफ़ नहीं,एक
Read Moreना झाड़ो इतना घर को तुम, कि सब निशान मिटा डालो,कुछ धूल जमी रहने दो, यारो, यादों को फिर जगा
Read Moreकृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई आज के युग की सबसे प्रभावशाली और परिवर्तनकारी तकनीकों में से एक बन चुकी है। यह
Read Moreज़िक्र करने वाले तो हज़ार मिल जाएँ,मगर फिक्र करने वाले कहाँ नज़र आएँ।जो हाल पूछे बिना समझ ले दिल की
Read Moreरोशनी का त्योहार था,हमने धुएँ-वाला बना दिया। दीयों का उजाला कम,पटाखों का गर्जन कर ज़्यादा दिया। जिस हवा से साँसें
Read Moreहर चीज़ बिकाऊ है यहाँ,इंसाफ से लेकर इंसान तक।सपनों की भी कीमत लगी,अरमान से लेकर जान तक। सच्चाई अब नीलाम
Read Moreडिजिटल युग में सोशल मीडिया आज जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। बच्चा हो या बड़ा, सबकी दिनचर्या का
Read Moreभारतीय चलचित्र जगत ने एक और प्रकाशपुंज खो दिया। हास्य अभिनय के महारथी, सरल स्वभाव के धनी और हर पीढ़ी
Read More