कैसे जिए
कभी कभी बेगानी सी लगती हैं यह दुनिया, कभी कभी जानी पहचानी सी लगती हैं| झूठ को जब जब जिया
Read Moreबचा लिया मैंने जलती हुई अधजली औरत को पूरी जलने से अधजली इसलिए कि मैं उसकी करनी की उसे चाहती
Read Moreजो नहीं है उसको पाने की चाहत है, जो है उसको पाने का सकून नहीं | पाने की चाहत में
Read Moreकाटों पर ही चलना, अपना जुनून था, नफरत को प्यार से, जीत कर आया सुकून था | क्रोध के अग्नि
Read More“शरीर जल (ख़त्म हो) रहा है, लेकिन आत्मा तो अमर है | मोमबत्ती की तरह मैं भले काल कवलित हो गया हूँ, पर इस
Read Moreधर्म विरुद्ध कभी ना चले हम मैया तू सदा मार्गदर्शन करती रहना मैया हम तो तेरी ही संतान हैं
Read Moreना कोख में पाला ना ही जन्म दिया , कृष्णा तुने यशोदा को माँ का मान दिया | हर नटखट
Read Moreगुस्से से गुस्से की हो गयी जब तकरार जिह्वा भी गुस्से की भेंट चढ़ खाए खार द्वेष में बोले एक
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