एक पिता की व्यथा
जिसे सुलाया बाँहों में और पलकों की छाँव में मैं नहीं सोच सकता हूँ मेरी बिटिया तुझे बिलखता, नहीं देख
Read Moreजिसे सुलाया बाँहों में और पलकों की छाँव में मैं नहीं सोच सकता हूँ मेरी बिटिया तुझे बिलखता, नहीं देख
Read Moreआँसुओं को मैं ईंधन बनाती रही तेरी यादों के दीपक जलाती रही। होंठ हर पल तेरा नाम गाते रहे मुस्कुराते
Read Moreआज विरहिणी तुझे पुकारे, कहाँ गया मेरा यार रूठ गयी माथे की बिंदिया, कहाँ खो गया प्यार? तुम संग जो
Read Moreआज कॉलोनी में सुबह-सुबह जैसे ही एक प्रश्न गूँजा- “पप्पू पास हो गया?” प्रत्युत्तर में मानो कॉलोनी में कोरस सा
Read Moreभारतवर्ष ईमानदारों का देश है। संसार में सबसे अधिक ईमानदारों का उत्पादन यही होता रहा है। इतिहास में झाँका तो
Read Moreअब तो जागो! आँखें खोलो, मौतें जश्न मनाती हैं चिता सजाती है दीवाली, कब्रें ईद मनाती हैं। मरघट और कब्रस्तानों
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