किसी का दर्द बांट लो
किसी का दर्द बांट लो हो सके तो मानवता की उंगली थाम लो। अपने हालात की मजबूरीयो से निकल मजलुमो
Read Moreकिसी का दर्द बांट लो हो सके तो मानवता की उंगली थाम लो। अपने हालात की मजबूरीयो से निकल मजलुमो
Read Moreबंदिशों के पिंजरो में कैद है- मेरी जज्बातों की आजादी! पंख फड़फड़ाते है….. उड़ नहीं सकते ये परिंद….! रफ्ता रफ्ता
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