वाचिक राधा छंद
विधा — वाचिक राधा छन्द, मापनी —2122 2122 2122 2 फिर चली है आज आँधी, जुल्फ लहराई। हुश्न हाबी हो
Read Moreविधा — वाचिक राधा छन्द, मापनी —2122 2122 2122 2 फिर चली है आज आँधी, जुल्फ लहराई। हुश्न हाबी हो
Read Moreमन मयूर चंचल हुआ, ढ़फली आई हाथ प्रेम प्रिया धुन रागिनी, नाचे गाए साथ नाचे गाए साथ, अलौकिक छवि सुंदरता
Read Moreनवल किशोरी चली, ब्रज की चकोरी चली मुरली की तान सुन, मन नाहि धीर है। जिसे देखो हर कोई, सुध
Read Moreशब्द-शब्द दर्द हार, सुनो मात ये गुहार, गर्भ में पुकारती हैं, नर्म कली बेटियाँ। रोम-रोम अनुलोम, हो न जाए स्वांस
Read Moreधीरज मन झरने लगा, कटा आम का पेड़ गरमी बढ़ती जा रही, दिखे पेड़ इक रेड़दिखे पेड़ इक रेड, हरे
Read Moreविधाता छन्द= १२२२ १२२२ १२२२ १२२२ १२२२ निशा दिखती शमा जैसी – बहारो गीत गाओ तुम सुधा पीकर जिए लैला
Read Moreदेख चुनावी जीत को, मनवा भरे उमंग नेता जी पर चढ़ गया, जूं फ़ागुन का रंग जूं फ़ागुन का
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