मुक्तक
जिहादियों के समर्थन में जो भी खड़ा हो, क़ानून का शिकंजा पहले उस पर कसा हो। भाईचारे की बातें बस
Read Moreउलझन को सुलझाइए,लेकर सुलझे भाव। जिसके सँग है सादगी,रखता प्रखर प्रभाव।। उलझन है मन की दशा,नहीं समस्या मान। यह है
Read More(1) करना नित व्यायाम,ज़िन्दगी मंगल गाती। कहता चोखी बात,मान यदि मन को भाती। जीवन में उत्थान,यही तो सब ही चाहें,
Read Moreनफरत के बाजार में ,बिकता नही गुलाब ,यहां सभी देते रहे ,काँटों भरे जवाब। सच कहना आसान है ,पर उसमे
Read Moreगुरु कबीर को है नमन्,जिन ने बाँटा ज्ञान। ख़ूब यहाँ पर रच दिया,सामाजिक उत्थान।। सद्गुरु प्रखर कबीर थे,फैलाकर आलोक। परे
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