हाइकु कविताएं
जीवन जियाविष भरा प्याला हीहमने पिया। पुराने दिनबीत गये ऐसेजीवन जैसे मुझे चाहिएएक पूरा आकाशपृथ्वी भी पूरी पुराने दिनबीत गये
Read Moreजीवन जियाविष भरा प्याला हीहमने पिया। पुराने दिनबीत गये ऐसेजीवन जैसे मुझे चाहिएएक पूरा आकाशपृथ्वी भी पूरी पुराने दिनबीत गये
Read More१) सूर्य के उदय होते हीहै हो जाता तम का सम्पूर्ण शमनरवि के बिना नही जीवन । २) कितना भी
Read More१) हे मां शारदेअज्ञान का तिमिरशीघ्र मिटाओ । २) भागा रे तमउगते ही सूर्य केदुम दबा के। ३) रखिये सब्रथोड़ी
Read Moreमेघ बरसेदादुर टर्र- टर्रकरने लगे। बरखा रानीझरने लगी बूंदेंपानी ही पानी। बहुत भाताबारिश का मौसमबालपन को । मेघ गरजेकजरारे बादलडर
Read More१) जागो रे कान्हागैया रंभा रही हैंहुआ प्रभात। २) प्रभात बेलाबरसता अमृततुम क्यों सोए ? ३) निकल पड़ेलिए हल हाथ
Read More१) आदिवासी कावन ही सब कुछप्रकृति प्रेमी। २) मन निर्मलहैं अलग कानूनआदिवासी के । ३) वन सम्पदाआदिवासी के लिएजीवन-धन। ४)
Read Moreचाँद आधा ठहरा,खिड़की पर रात जागे,मन कुछ कहता है। सूनी-सी राहें,पदचिह्न कहीं खो गए,सपना अधूरा। बुझते दीपक में,अब भी लौ
Read Moreसूनी सी शामबाप की चुप आँखों मेंसपनों की धूप पुराना आँगनपैरों की आहट सुनमुस्काए द्वार मौन के पीछेछिपा हुआ स्नेह
Read Moreछोटा प्रयासबनता है पर्वतधैर्य अटल पग बढ़तेराह स्वयं खुलतीमन अडिग तूफ़ानों मेंदीपक मुस्काएहौसला जीवित पसीने कीहर एक बूँदमोती बने हार
Read Moreनई किरणमिटे अँधियाराजगे विश्वास सूनी राहआशा के पदचिह्नमन प्रफुल्ल माटी पुकारेमेहनत के बीजस्वर्ण प्रभात हर किसानसपनों की फसलमुस्कान बोए युवा
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