जिंदगी के बेतरतीब पन्ने
बिखरे से सपनेसुबह की ओस जैसेचुपचाप चमकते टूटे हुए पलहवा में तैरते हैंयादों के संग अनकही बातेंखामोशी में लिखीदिल की
Read Moreबिखरे से सपनेसुबह की ओस जैसेचुपचाप चमकते टूटे हुए पलहवा में तैरते हैंयादों के संग अनकही बातेंखामोशी में लिखीदिल की
Read Moreसुबह की धूप मेंममता की छांव मिलीजीवन संवर गया बूँद बूँद सीखतेउनकी बातें सुनकरसपने बड़े हुए सर्द हवाओं में भीउनकी
Read Moreज्ञान की पहली किरणअंधकार चुप हो जाएमन जाग उठे शब्दों का दीपकजीवन-पथ आलोकितभय दूर भागे पुस्तक की खुशबूसोई हुई चेतना
Read Moreभोर की पहली धूपखिड़की से झाँकतीमन को छू जाती है चाय की भाप मेंबीते कल कीमुस्कान तैरती पत्ते पर ठहरीओस
Read Moreभोर की चुप्पीदीपक की लौ काँपीरात पीछे हटी ओस की बूँदपत्ते का मौन स्पर्शसूरज मुस्काया छाया सिमटीकदमों में रोशनीरास्ता जागा
Read Moreकांटों भरी राहपाँवों में छाले जागेसपने फिर भी जिंदा अँधियारी रातदीपक ने हौसला दियाभोर की आहट टूटी हर आशामन ने
Read Moreसुबह की पलकेंओस में भीगी हँसीखामोश उजाला नव दृष्टि जागेनील गगन की गोद मेंस्वप्न मुस्काएँ काँच सी आँखेंसच का भार
Read Moreखामोश दिल बोलेएक शब्द में पिघलेजमी हुई दूरी झुकी हुई आँखों मेंसच की हल्की रोशनीरिश्ते मुस्काएँ माफी का एक लम्हासदियों
Read Moreबोया गया बीजमिट्टी से कुछ न बोलाजड़ें मजबूत सुबह की ओसपत्थर पर गिरकर भीरास्ता खोजे चुपचाप दीपकअंधेरे से लड़ता हैबिना
Read Moreचुपचाप बहतादिल का कोमल दरियाशोर से डरता इश्क की भाषाआहिस्ता सी होती हैहुक्म नहीं माँगे नज़रों की लय मेंअगर तकरार
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