विश्व साइकिल दिवस
आज साइकिल दिवस हैं चलाएं हम आजतुम्हारे लिए। बिना तेल पेट्रोल केदौड़ाते सब साइकिल तुम्हारे लिए। स्वास्थ्य की संजीवनी है चलाते जो साइकिल तुम्हारे
Read Moreआज साइकिल दिवस हैं चलाएं हम आजतुम्हारे लिए। बिना तेल पेट्रोल केदौड़ाते सब साइकिल तुम्हारे लिए। स्वास्थ्य की संजीवनी है चलाते जो साइकिल तुम्हारे
Read Moreअचानकबढ़ गयासाइकिल का महत्वआज एक बार फिर।१ चलाएंहम सभीनियमित फिर साइकिलअर्थ, स्वास्थ्य के लिए।२ समस्यावैश्विक हैंपेट्रोलियम ईंधन कीसाइकिलें निकलने लगीं
Read Moreखामोश सड़कों परटूटे हुए सपनों की परछाइयाँधीरे-धीरे चलती हैं चाँद भी आज उदास हैरात की आँखों मेंएक अनकहा दर्द है
Read Moreरिश्तों की चुपचापएक मीठी सी हवादिल को छू जाती है बिना कहे भी सबबहुत कुछ कह जाते हैंअपनेपन के रंग
Read Moreरिश्तों की डोरधीरे-धीरे टूटे,शब्दों की मार। मन के आँगनविश्वास के दीपकक्यों बुझ जाते। चेहरे हँसते,भीतर मौन हिंसाघर बना लेती। क्रोध
Read Moreचुप्पियों के बीचजब शब्द साँस लेते हैंवही गुफ्तगू है नज़रें कह देती हैंजो होंठ नहीं कह पातेभावों की भाषा हवा
Read Moreरिश्तों की डोरमौन में भी बोलती हैदिल की भाषा में एक मुस्कान सेटूटे पल जुड़ जाते हैंनर्म एहसास में समय
Read Moreइतना टूटा हूं किशब्द भी साथ छोड़ देते हैंखामोशी बोलने लगती है रास्ते धुंधले से हैंकदम पहचान खो बैठे हैंपर
Read Moreकाली आँधी मेंदीपक फिर भी जलताहौसला जागे नफरत के स्वरदीवारें ऊँची करतेमन रोता है सूखे पेड़ों परचिड़ियाँ लौट आतींआशा बचती
Read More