कलम की चिंता ज़रूरी है
कलम की चिंताशब्दों का दीप जलाएमन को राह दे। सूखी स्याही भीसपनों को रंग देतीनई सुबह में। कलम है साथीसच
Read Moreकलम की चिंताशब्दों का दीप जलाएमन को राह दे। सूखी स्याही भीसपनों को रंग देतीनई सुबह में। कलम है साथीसच
Read Moreजिंदगी ठहरी,किराए का घर,क्षणभर का। आए अकेले,जाना भी होगा,मौन पथिक। दीवार बोली,रिश्तों की गूँज,क्षणिक रही। सपनों की छत,धूप-छाँव मिली,समय हँसा।
Read Moreजितना ज़रूरी,भोर की पहली किरण,जागे विश्वास। सूखी धरती,बादल का कोमल स्पर्श,जीवन हँसे। नन्हा सा दीप,अँधियारा हार गया,मन उजियारा। मौन प्रार्थना,हवा
Read Moreमन शांत रहेख्वाहिशों का भार न लोनभ मुस्काए आज नाव हल्की रखोसागर पथ सरल हो जाएमौन गीत गाए फूल स्वयं
Read Moreभोर की किरण,क्षणों का उपहार,जीवन जागे। बहती नदी,रुकती नहीं कभी,समय कहे। सूखा पत्ता,हवा संग उड़ता,पल बीते। खिला सुमन,संध्या में झरता,काल
Read Moreमाटी की खुशबू,रोपनी में झुकी देहिया,बरखा मुस्काई। धान के नन्हे पौधे,हाथों में सपनों की हरियाली,धरती गुनगुनाए। कीचड़ भरे पग,फिर भी
Read Moreडालें टूटी हैंगौरैया कहां बैठेकिससे कहे फुदकती थीजिस अंगना, वो भीखत्म हो गए वन्य नहीं मैंहूं, घरेलू चिड़ियाजैसे बिटिया —
Read Moreओस की बूँद,भोर मुस्काए,सुगंध अमर। वन की साँस,पत्ते गुनगुन,जीवन जागे। नभ निर्मल,चिड़िया का स्वर,मन महके। शांत सरिता,लहरें बोलें,काल ठहरे। फूल
Read Moreयत्र तत्र,जीवन की धुन,प्रकृति गाए। शीतल पवन,पत्तों की भाषा,मन मुस्काए। नीला गगन,उड़ते पंछी,स्वप्न सजाएँ। ओस की बूँद,सूरज की किरण,मोती बन
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