संघर्ष की भट्टी में तपकर
लाल चिंगारीहवाओं में उड़ती हुईसपनों की राह कांटों के बीचफूलों की मुस्कान छुपीसहन की सीख धूप की तपिशपसीने की धाराओं
Read Moreलाल चिंगारीहवाओं में उड़ती हुईसपनों की राह कांटों के बीचफूलों की मुस्कान छुपीसहन की सीख धूप की तपिशपसीने की धाराओं
Read Moreटूटा पत्ताहवा में बहताजीवन कथा सूखी डालछोड़ गया जोयादें शेष मिट्टी पर गिराफिर भी कहतामैं था हरा धूप में जलापर
Read Moreप्राचीन धरागंगा की शीतल धाराज्ञान का दीप नालंदा जागेविचारों का उजियाराविश्व को राह मिट्टी की खुशबूसंस्कृति का गान यहाँमन हो
Read Moreकविता भावों की अभिव्यंजनामन की संवेदनातुम्हारे लिए। कविता सच का आईनाशब्दों का सागरतुम्हारे लिए। कलम की स्याही सेशब्दों की उड़ानतुम्हारे
Read Moreहरे पेड़, नीला आकाशनदियाँ गाती, गीत पुरानेफूलों की खुशबू बिखरी पवन का झोंका, ठंडी छायापंछियों की चहचहाहटसंगीत बुनती हर ओर
Read Moreमन के दरवाज़े परअति आकांक्षाएँ खड़ी हैंशांति की राह रोकती हैं सपनों की गली मेंअसंख्य इरादों का सामानहृदय पर भारी
Read Moreसन्नाटा कमरे में,छायाएँ फर्श पर फैलीं,हृदय फुसफुसाए दुःख। पतझड़ की पत्तियाँ गिरें,हर एक अकेली कहानी कहे,हवा उनका शोक ले जाए।
Read Moreसन्नाटा पोखर का,प्रभात की लहरें नाचें,सत्य फुसफुसाता। ऊँचे पर्वत शिखर,बादल बहते विचारों संग,उत्तर भीतर हैं। पतझड़ की पत्तियाँ,हर एक कहती
Read Moreसागर की लहरेंधीरे-धीरे किनारे को छूतीसमय सबको सिखाए बादलों के बीचसूरज की किरणें झिलमिलाएंअँधेरा दूर होता पेड़ों की छाँव मेंपंछी
Read More1 जीवन रेखाअदृश्य सी हो रहीनदी की व्यथा2नदी का जलबहेगा अविरलरखो निर्मल3बहती नदीदेती एक संदेशचलते रहो — निर्मल कुमार दे
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