आत्मकथा : एक नज़र पीछे की ओर (कड़ी 17)
गुलशन जी कपूर का कार्य श्री गुलशन कपूर हमारे मंडलीय कार्यालय में अग्रिम विभाग (ऋण विभाग) में प्रबंधक थे। एक
Read Moreगुलशन जी कपूर का कार्य श्री गुलशन कपूर हमारे मंडलीय कार्यालय में अग्रिम विभाग (ऋण विभाग) में प्रबंधक थे। एक
Read Moreअनन्त राम को बाकी रुपया तो मैं अदा कर चुका था, सात सौ उसका बाकी रह गया था। जब मिलनी
Read Moreपप्पूजी की बीमारी मेरी साली राधा (गुड़िया) का विवाह हो चुका था, परन्तु दुर्भाग्य से उसके कोई सन्तान नहीं थी।
Read Moreभ्राता जी कभी कभी लुधियाने आते रहते। उनकी जुबानी मोहिनी की अच्छाई और शराफत सुनता तो बहुत अच्छा लगता। शाम
Read Moreमनीषा का विवाह सन् 2000 में कानपुर वाले भाईसाहब श्री सूरजभान की दूसरी पुत्री मनीषा का विवाह निश्चित हुआ। वह
Read Moreघर में अब एक नई पार्टी बन गई थी और इनका बोल बाला था। नई पार्टी में राकेश, गुड्डा, केवल,
Read Moreमंडलीय कार्यालय में कम्प्यूटर शिक्षा उस समय तक हमारे बैंक के सभी मंडलों में लगभग सभी विभागों में पी.सी. लगा
Read More1971 में रमेश की नौकरी देहरादून में मिनिस्ट्री आफ डिफेन्स में लग गई और वह देहरादून आ गया। फिर 1972
Read Moreवर्ष 2000 की समस्या उस वर्ष 1998-99 में कम्प्यूटर वाले एक विचित्र समस्या से जूझ रहे थे। उस समय कम्प्यूटर
Read More30 अप्रैल 1957 को राज की शादी हुई। डोली जाने के बाद कुछ ही दिन बाद मुझे तार मिला कि
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