लखनऊ की एक अलग पहचान कायस्थों की होली
लखनऊ की होली, बाहर से देखिए तो लगेगा बस रंग, गुलाल, हँसी-ठिठोली तक नजर आती है। मगर भीतर उतरकर देखिए
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Read Moreकिसी के भी पास अंदर चल रहे द्वंद्व का उपचार नहीं है। लोग आते हैं, कई बातें करते हैं, अपने
Read Moreअँधेरा जितना भी गहरा हो, जब आग की लपटें उठती हैं, वह हर छिपी कड़वाहट और पुरानी पीड़ा को राख
Read Moreभारत का आध्यात्मिक धरातल, दर्शन, चिंतन समग्र समाज को साथ लेकर चलने का रहा है। भारत में कभी भी जातीय
Read Moreपारिवारिक देखभालकर्ता स्वास्थ्य सेवा और भावनात्मक सहायता प्रणालियों की अदृश्य रीढ़ का निर्माण करते हैं। वे बेटे, बेटियां, पति-पत्नी, भाई-बहन
Read Moreभारत की सांस्कृतिक परंपरा में होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवीय संबंधों का जीवंत उत्सव है।
Read Moreपिछले कुछ वर्षों में भारतीय समाज में एक नई प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है—बेटे-बेटियों को विदेश भेजने की होड़। कभी
Read Moreइतिहास के किसी भी कालखंड में जब भी सभ्यता की आत्म-समीक्षा हुई है, तब-तब यह प्रश्न सामने आया है कि
Read Moreदेश और दुनिया में समाज सेवा, राजनीति, मानवीय संवेदनाओं भरे लोक कल्याण कार्यों और धर्म अध्यात्म से लेकर समाज-जीवन और
Read Moreभारतवर्ष वह पावन भूमि है जहाँ त्योहार केवल परंपरा नहीं, बल्कि एक तरफ जहां हमारे भीतर के उमंग, उल्लास एवं
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