धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

क्या वेद ईश्वर के विषय में सच में जानते हैं ?

ईश्वरवादियों का सबसे प्रमुख ग्रन्थ है ऋग्वेद , ऋग्वेद जिसके बारे में कहा जाता है की ईश्वर ने सबसे पहले उतारा ऋषि के ह्रदय में । ईश्वरवादी वैदिक कहते है की वेदों में स्पष्ट कहा गया है की ईश्वर सृष्टि का निर्माता है , परन्तु यदि आप ऋग्वेद पढ़ेंगे तो स्वयं पाएंगे की जिस तथकथित […]

कविता

गृहिणी

बरसो बाद खुद का ख्याल आया आइना नहीं याद आया कुछ अपने अंतर में कुलबुलाता सा पाया अपने लेखन का ख्याल आया भूल गयी रसोई और घर बार सब कुछ छोड़ कर थाम ली कलम क्या लिखू कुछ समझ ना आया लेकिन मन की उड़ान को कोई रोक न पाया चोरी से ही लिखी हुई […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

  बात थी छोटी, फ़साना हो गया । प्यार का दुश्मन जमाना हो गया । दौरे उल्फ़त में हुआ कुछ भी नहीं जो था अपना, बस बिगाना हो गया । जिस शहर में कोई भी अपना नहीं उस शहर में आबु दाना हो गया । जिंदगी की राह पर करके सफर एक बच्चा फिर सयाना […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

  प्यार की राह मुश्किल भले । दिल लगाने चले दिलजले । जिंदगी बोझ बन जाती है । टूट जाते हैं जब हौसले । दर्द सह के ख़ुशी मिलती है इश्क के हैं अजब मडहले । दूर हमसे सभी हो गये खुद ब खुद जो मिले थे गले । तुम मिरे हो गए गर सनम […]

शिशुगीत

दो शिशु गीत

हाथी पापा चले सैर को हाथी पापा चले सैर को लेकर अपने बाल-गोपाल, एक कहे हम चलें मुंबई, एक कहे हम नैनीताल. इतने में हुआ हरा जो सिग्नल, पापा हुए सड़क के पार, पहुंच न पाए कहीं बेचारे, रह गए पीछे बाल-गोपाल. ——————— तितली रानी कहां चली? तितली रानी कहां चली?, पूछ रही है लाल […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

क्या इस सृष्टि को बनाने वाला कोई ईश्वर है?

ओ३म् क्या वस्तुतः ईश्वर है? यह प्रश्न वेद और वैदिक साहित्य से अपरिचित प्रायः सभी मनुष्यों के मन व मस्तिष्क में यदा कदा अवश्य उत्पन्न हुआ होगा। संसार में अपौरुषेय कार्यों, सूर्य सहित समस्त ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति, उसके संचालन, मनुष्य आदि प्राणियों की उत्पत्ति सहित कर्मफल व्यवस्था व सुख-दुःख आदि को देखकर ईश्वर का ज्ञान […]

गीत/नवगीत

आओ मेघा हमरे अंगना -पावस गीत

आओ मेघा हमरे अंगना -पावस गीत आओ मेघा आओ मेघा हमें नहीं तरसाओ तुम आओ मेघा हमरे अंगना नेह-नीर बरसाओ तुम । धरती प्यासी ,नैना प्यासे, प्यासा हर इंसान यहाँ सारस जोड़ा खेत न आवे प्यासा हर किसान यहांँ हर मनुआं की प्यास बुझा दो रुनझुन गीत सुनाओ तुम आओ मेघा हमरे अंगना नेह-नीर बरसाओ […]

कविता

ये एक सुन्दरी …

गुलाबी मुस्कान लिए मंच पर खड़ी कोमलता की परिचायक स्नेह स्वभाव की परी दस्तक देती है दर्शको के बीच स्वागत में तालियाँ बजने लगती है ये एक सुन्दरी। खुद से करती बेहद प्यार अपने चाहने वालों का भी रखती है बहुत ख्याल हर उत्सव पर देती है सभी को स्नेह भरा शुभ संदेश ये एक […]

इतिहास

मौरवी नरेश श्री वाघजी ठाकोर द्वारा ऋषि दयानन्द की प्रशंसा

ओ३म्   श्री वाघजी ठाकोर मौरवी राज्य वा रियासत के 17 फरवरी 1870 से 11 जून 1922 तक नरेश वा राजा रहे। महाराजा साहब अप्रैल, 1910 में लाहौर पधारे थे। वहां महाराजा से सनातन धर्म सभा का एक डेपुटेशन मिला और प्रार्थना की कि वे सतातनधर्मी होने के कारण दयानन्द के मत अर्थात् आर्यसमाज से […]

कविता

उठो अब

एक कोना है तुम्हारे नयनों का जहाँ से बहती है अनवरत धारा बंद कर ये अश्रुओं का बहाना और मार दम भर कर हुँकारा। आँखों में वो आग ला दे कि पानी गिरने से पहले ही जाए सूख। जला अंतडियों को तू इस तरह कि दाना पड़ने से पहले, मर जाए भूख। हाथों की नर्मी […]