समाचार

पर्यावरण को समर्पित व्यक्तित्व सुश्री दिव्या कुमारी जैन

गत 11 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण व सामाजिक चेतना का अभियान चला रही सुश्री दिव्या कुमारी जैन समर्पित व्यक्तित्व के साथ पर्यावरण संरक्षण का अभियान चलाते चलाते स्वयम पर्यावरण का पर्याय बन गई है ।    एक छोटी सी घटना जिसमे एक गाय की मृत्यु पॉलीथिन की थैलियों को खाने से हुई थी से प्रेरित […]

इतिहास

गांधी जयंती विशेष

महात्मा गांधी सत्य और अहिंसा के पुजारी माने जाते है जिन्होंने सत्य और अहिंसा का पाठ पढ़ा कर हमें गुलामी जैसी बेड़ियों को तोड़कर बाहर निकलना सिखाया है। गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 ई में गुजरात के पोरबंदर में हुआ था और आज हम 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के रूप में मनाते […]

इतिहास

सत्य और अहिंसा के पुजारी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी

देश के स्वतंत्रता संग्राम और आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले राष्ट्रपिता  महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को पूरे देश में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है । वर्ष 1948  में महात्मा गांधी की नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी,और उनकी हत्या ने पूरे देश को हिला कर […]

गीत/नवगीत

बापू का जन्मदिन

जन्मदिन बापू का आया हम मनाएंगे                उनकी शिक्षाएं अमल में लाएंगे- हम झूम-झूमकर नाचेंगे और गाएंगे-   1.बापू ने सिखलाया हमको सत्य सदा ही बोलो सच्चा बोलो मीठा बोलो पहले मन में तोलो उनकी सीख को हम न भुलाएंगे- जन्मदिन बापू का———-   2.बापू बोले साथ अहिंसा का […]

कविता

मेरा गाँव

कभी बड़ा खूबसूरत था मेरा गाँव मिलती थी बरगद वाली ठण्डी छाँव शहरों ने सीमा जब से तोड़ी गाँव की पगड़ंडियां हुई चौड़ी लग गई हवा शहर की गाँव को, तो हर चीज का होने लगा मोलभाव हृदय बने मशीनी दया रही न तनिक ऑनलाइन रिस्तों में मिली न महक हरे – भरे खेत सब […]

कविता

अधूरी देह में लिपटी एक आत्मा

हाँ, मैं अधूरी देह में लिपटी एक आत्मा हूँ पर, तुम तो संपूर्ण काया रखकर भी अधूरे लगते हो मुझे हँसते हो मुझ पर मेरी मिथ्या बनावट पर अपनी दोगली आँखों से घूरते हो मुझे जैसे कि इस अधूरी देह को बनाने में मेरा स्वयं का दोष है। अगर रखते हो हिम्मत तो जोड़ लो […]

कविता

बचपन खो गया है कहीं

पीठ पर बढ़ती किताबों का बोझ, स्वयं को सर्वश्रेष्ठ बनाने की चिंता। सभी कलाओं में निपुणता की चाह, सफलता के शिखर प्राप्ति की इच्छा। बचपन खो गया है कहीं……….। सपनों के बिखर जाने का डर, अपेक्षाओं पर खरा न उतर पाने का डर। मित्रों से पिछड़ जाने का डर, मंज़िल तक न पहुंच पाने का […]

कहानी

पुरस्कार

रोज की तरह प्रार्थना सभा के पश्चात पहले पीरियड की घंटी बजी और सारिका अपना उपस्थिति रजिस्टर, चाक और अन्य शिक्षण सामग्री लेकर कक्षा की ओर चल पड़ी। अंदर प्रवेश करते ही उसकी नजर तरुण पर पड़ी। सभी बच्चों को बैठने का इशारा करते हुए उसने तरुण से वही चिर परिचित प्रश्न किया,” तुम आज […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

सच्चाई और धर्म का प्रतीक नवरात्रि

भारतीय परंपराओं एवं शास्त्रों के अनुसार नवरात्र प्रतिवर्ष दो बार आते हैं ।चैत्र माह में आने वाली नवरात्रि को  बासंतिक  नवरात्रि कहते हैं, जबकि अश्विन मास के शुक्ल प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्र शुरू होते हैं ।9 दिनों तक चलने वाले शारदीय नवरात्रों में दुखों को दूर करने वाले जगत जननी आदि शक्ति दुर्गा देवी […]

लघुकथा

हम सुधरने की कोशिश करेंगे

अभी-अभी गौरव भाई का एक सुविचार आया- ”ईश्वर कण-कण में विद्यमान है, यह तब तक प्रमाणित नहीं किया जा सकता, जब तक हम अपने अंतःकरण में, ईश्वर के अस्तित्व को स्वीकार नहीं कर लेते!!” उनका यह सुविचार हमें सुदूर अतीत में एक लेखक विनोद के पास ले गया. हम जब भी कोई काम करते हैं […]