Author :

  • गंगा क्यों मैली हो रही?

    गंगा क्यों मैली हो रही?

    आज का सबसे ज्वलंत प्रश्न है- गंगा क्यों मैली हो रही? और गंगाएं क्यों मैली हो रहीं? गंगा क्यों मैली हो रही? इस पर हम जब-तब विचार प्रकट करते रहे हैं, आज भी करेंगे, लेकिन पहले...

  • वही लालिमा

    वही लालिमा

    सूर्य  अखिल विश्व को प्रकाश का अनंत उपहार देते हुए गर्माहट का सुखद अहसास देते हुए अपने  चिर गांभीर्य को चिरस्थायी रखता है. प्रातःकाल  उदयाचल से आते हुए वह अपनी सुरम्य लालिमा बिखराते हुए  प्रकट होता...

  • नहाने का पर्व

    नहाने का पर्व

    सुना है ”नहाने का पर्व” आने वाला है. सुरेश ने तनिक चिंतित होकर कहा. ”नहाने का भी कोई पर्व होता है क्या?” महेश की जिज्ञासा थी. ”तुझे पता नहीं है क्या?” ”नहाना तो रोज होता है,...

  • ट्रेड वॉर के बहाने से

    ट्रेड वॉर के बहाने से

    वॉर से कभी किसी को लाभ हुआ है? नहीं न! हमारा भी यही विचार है. फिर बचपन से ही हमको यही सिखाया जाता रहा है, कि वॉर-रार-तकरार से नुकसान-ही-नुकसान है. अब देखिए न! महाभारत का युद्ध...


  • कुआं

    कुआं

    अक्सर महिलाएं कहती मिलती हैं- ”ये घर एक कुआं है. काम करते जाओ, खत्म ही नहीं होता.” और ”ये पर्स भी एक कुआं हैं, जो चीज चाहिए, मिलती ही नहीं है.” लेकिन मध्य प्रदेश के खरगोन...

  • कांवड़िया कांवड़ लाए हैं

    कांवड़िया कांवड़ लाए हैं

    चलो शिवशंकर के द्वारे, कांवड़िया कांवड़ लाए हैं   कांवड़िया कांवड़ लाए हैं, कांवड़िया कांवड़ लाए हैं- 1.शिव की जटा में गंगा-धारा, कांवड़ में गंगाजल प्यारा दोनों का मेल कराएंगे कांवड़िया कांवड़ लाए हैं-चलो शिवशंकर——————- 2.श्रद्धा से...

  • कुछ देश की कुछ विदेश की

    कुछ देश की कुछ विदेश की

    आज देश-विदेश की कुछ चर्चा करते हुए हम बहुत-सी बातों की चर्चा करेंगे, लेकिन सबसे पहले हमारी भावी पीढ़ी के लिए एक चेतावनी- इंटरनेट- आज एक छोटी-सी बच्ची का दिल दहलाने वाला वीडियो देखा, मोबाइल और...

  • ये गुलाब का फूल

    ये गुलाब का फूल

    झूम-झूमकर नाच रहा है ये गुलाब का फूल, जाने क्या-क्या बांच रहा है ये गुलाब का फूल. शायद इसने बांचा होगा समाचार यह आज, यमुना की बाढ़ बुझा सकती है दिल्ली की प्यास. कोहली की सेंचुरी...

  • प्रेरणा

    प्रेरणा

    ”मैम, आज भी मेरी कहानी आपको पसंद नहीं आई?” ऋतु मल्लिक के स्वर में तनिक हताशा थी. ”ऋतु, निराश होने की बात नहीं है, एक बार श्रेष्ठ सृजन करना आ गया, तो फिर कोई परेशानी महीं...