कहानी

दोस्ती

दोस्ती …… दोस्ती की परिभाषा को, बहुत बार लोगों ने बताया, मैं कैसे इसे बताऊं, बहुत गूढ़ है समझाना तेरी दोस्ती है ,अनमोल , दोस्ती दोस्त की , भुला देती है, हर गम ,तकलीफ , कोहिनूर होता है, एक सच्चा दोस्त , बचपन गया , बचपन के दोस्त भी , समय के साथ , सारे […]

कविता

कभी कभी

कभी कभी कभी- कभी हाँ जी कभी- कभी, हमको भी सोचना चाहिए खुद के लिए। क्यों हम औरतें कभी कभी, कुछ भी टाल देती है वो सब, जो पसन्द होता हमको भी , यह कह कर की अकेले है ।। करो वो सब काम भी रोज़, जो पसन्द हो तुमको हमेशा, खाओ अकेले भी कभी […]

कहानी

शुक्रिया

शुक्रिया एक सुनसान जगह काली रात में दोनो साथ है । दोनों के मुहँ विपरीत दिशा में जैसे दोनों ही एक दूसरे को पसंद नहीं करते फिर भी साथ है । कहे तो साथ रहना मजबूरी है । एक व्यक्ति तन्द्रा भंग कर बोलता है ” तुम्हारा शुक्रिया मेरे जीवन में आने के लिए ” […]

कविता

तेरी याद

लम्हा लम्हा हर पल गुज़र रही है जिंदगी, गुज़रते हुए हर लम्हे में तुम हो , हाँ तुम ही तो हो संग मेरे याद में , आओ हम बुरा भूल जाये , हमने की जो भी गलती , उसको भूल कर हम , कुछ पल संग एक दूसरे के बिताए । आज फिर गीले शिकवे […]

कविता

जल्द से जल्द जाओ

बस अब बहुत हुआ , बहुत रुक लिए तुम, अब जाओ जल्द से, किसी को नहीं है, जरूरत तुम्हारी यहाँ, बहुत कुछ ले लिया, अब क्या लेना है और बस करो तुम अब, खून के आंसू तुमने, सभी को रुलाया है, देखो तो तुम खुद ही, जब से आये हो तभी से, एक से एक […]

कविता

ये क्या है प्यार या कुछ और

ये क्या है प्यार या कुछ और जब से तुम्हारे मासूम चेहरे को देखा मैं देखता रह गया, क्या जादू हो गया मुझ पर तुम गोरी नहीं ,लेकिन किसी हूर से कम नहीं , सादगी से परिपूर्ण चेहरा तुम्हारा , काजल की पतली रेखा आँखों में , श्रंगार नहीं करती तुम हो सादगी की मूरत […]

कविता

ऐसे क्यों हो तुम

  ऐसे क्यों हो तुम ?? क्यों मुझे इतना सताते हो , मुझे पास बुलाते हो हरदम, खुद दूर चले जाते हो तब, ऐसे क्यों हो तुम??? खुद याद तुम्हारी दिलाते हो, जीना दुर्भर करते हो मेरा, खुद चैन से जीते हो , ऐसे क्यों हो तुम?? खुद करते हो प्रेम मुझसे, मैं करने लगी […]

लघुकथा

अस्तित्व

अस्तित्व ” माँ, तुमने तो कहा था मेरी विदाई पर कि मेरे मायके में मेरे अस्तित्व को हमेशा बनाये रखोगी पर आज मात्र कुछ साल में ही ………” ” बेटा मेरा ही अस्तित्व नहीं रहा अब तो तेरा कैसे बनाये रखती ? सारिका औदिच्य

कविता

क्या यही प्यार है

  यह प्यार नहीं तो क्या है तू जो नहीं दिखती, दिल मेरा होता बेचैन, यह प्रेम नहीं तो क्या है ? तू जो नहीं बोलती कुछ भी, कान मेरे तरसते है सुनने को, यह प्रेम नहीं तो क्या है? तुम जो रूठ जाती हो, दिल मेरा होता उदास, यह प्रेम नहीं तो क्या है? […]

लघुकथा

बस यही है दोस्ती

बस यही है दोस्ती ” दीपा, सुन तो”। ” हाँ, बोल श्रुति, क्या हुआ”? ” कल मैंने तुमको सायरा के संग किसी बाबा की बात करते सुना था। तुम भी बाबा की तारीफ कर रही थी तो क्या तुम भी बाबाओं में विश्वास करती हो”? ” हाँ जिन बाबा की बात हम कर रही थी […]