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  • अस्तित्व

    अस्तित्व

    अस्तित्व ” माँ, तुमने तो कहा था मेरी विदाई पर कि मेरे मायके में मेरे अस्तित्व को हमेशा बनाये रखोगी पर आज मात्र कुछ साल में ही ………” ” बेटा मेरा ही अस्तित्व नहीं रहा अब...



  • मेरी प्रेरणा

    मेरी प्रेरणा

    मेरी प्रेरणा ” अब हम प्रकाश को इनकी बहादुरी और शांति कायम रखने के लिए “अशोक चक्र ” से सम्मानित करते हुए अपार हर्ष की अनुभूति महसूस कर रहे है। इन्होंने नक्सली संगठन का बहादुरी से...

  • ख्वाब

    ख्वाब

    एक ख्वाब जो कभी देखा था, उस अल्हड़ उम्र में जब सभी, एक ख्वाब से दूसरे ख्वाब में, खेलते दौड़ते रहते थे अक्कसर, उसी ख्वाब को देख लिया था, इन आँखों ने अपने ख्वाबों में, आज...

  • एक फूल दो माली

    एक फूल दो माली

    पुराने समय की बात है, मेवाड़ के नगर सेठ का पुत्र “नीर ” बहुत सुंदर साहसी और कार्य में कुशल था। कोई भी कन्या उसको एक नज़र देखे तो मोहित जो जाये और उसको निहारती ही...


  • मिलन

    मिलन

    सूर्य देव चले आहिस्ता आहिस्ता, अस्ताचल को करके अपना काम, संध्या तक रही है राह उनकी, कुछ देर में होगा उनका मिलन, संध्या रानी से , तब खिलेगी संध्या, वातावरण होगा अद्भुत रमणीय, इधर चंदा भी...