लघुकथा

तृप्ति

पंडित जी सुबह से आज बहुत खुश है ।उनके पुराने यजमान के यहां उनके बेटे ने यजमान के श्राद्ध के उपलक्ष में बड़ी पूजा रखी है और उनको बुलाया है। पंडित जी अपने दैनिक क्रिया से निवृत्त हो समय पर पहुंच जाते हैं ।आज के इस कलयुग में पुराना विशाल हवेली जैसा घर जिसके अंदर […]

कविता

रिश्ते

रिश्ता होने से रिश्ता नहीं बनता, रिश्ता निभाने से रिश्ता बनता है। “दिमाग” से बनाये हुए “रिश्ते” बाजार तक चलते है,,,! “और “दिल” से बनाये “रिश्ते” आखरी सांस तक चलते है,.. दिमाग से रिश्ते पल में बनते है , दिमागी रिश्तों में सिर्फ दिमाग , अपना काम करता रहता हैं दिमाग सिर्फ नफ़ा नुकसान , […]

संस्मरण

अनन्त यात्रा

बहुत खुश है वो यह जानकर कि दो नन्हे नन्हे फूल उसके अंदर पल रहे । जिसको सोच कर ही उसका मन बहुत खूब रोमांचित हो रहा है।वो हर पल उन्हीं के ख्यालों में खोई रहती और सोचती रहती उनके आने के बाद ऐसा करेगी वैसा करेगी । उनके साथ कैसे समय बिताएंगे उनके साथ […]

कविता

खो गए वो दिन

खो गए वो दिन कहाँ से कहाँ आ गए हम, खुद ही खो गए वो दिन कहाँ से कहाँ आ गए हम, खुद ही अपनों को खो दिया, वो दिन खो गए कहीं जब, हमारी दुनिया परिवार होते, दोस्त होते थे सब कुछ हमारे, खो गए वो दिन आधुनिकता में, पड़ोसी पड़ोसी करीबी होते थे, […]

लेख

समझ

“हमारी संस्कृति हमारी विरासत ” ये पम्परा भारत में ही है । हमारी संस्कृति में हमको बचपन से बड़ो का आदर , सम्मान करना ,सामने नहीं बोलना गुस्सा नहीं करना ये सब सिखाया जाता है। हम उनकी इन बातों को मानते है । ऐसा माना जाता है कि हमारे विचार शब्द बनते है । शब्दों […]

लेख

अवसाद किसने चुना

अकेलापन किसने चुना अकेलापन आज के समय की गम्भीर बीमारी बन गया है । दो में से एक व्यक्ति अकेलेपन का शिकार है जिसमे युवा वर्ग की संख्या ज्यादा है उसके बाद बच्चे है । बुजुर्ग इसके शिकार कम होते । इसका मतलब यह नही कि वो अकेलेपन का शिकार नही वो अपनों के बीच […]

सामाजिक

कोरोना से क्यों डरना

नमस्कार दोस्तों, उम्मीद करती हूँ कि आप सभी अपने अपने घरों में स्वास्थ्य होंगे , होंगे भी क्यों नहीं हम सब सावधानी रख रहे है और सरकार के आदेशों का पालन कर रहे हैं । हम सभी अपने अपने कर्तव्यों को पूरा करेंगे तो जल्द ही कोरोना खत्म हो जाएगा । जब lockdown शुरू हुआ […]

हास्य व्यंग्य

पापा जी

पापा जी वो बहुत खुश है अपने छोटे से परिवार में ,उसके परिवार में अच्छा पति जो एक अच्छा बेटा है अपने माता पिता का, एक अच्छा भाई जो हमेशा बहन की एक आवाज़ पर तैयार है , एक अच्छा पिता जो अपने बच्चों को हर वो खुशी देना चाहता है और देते भी है […]

कविता

लॉक डाउन

  लॉक डाउन जब से सुना हमनें कि होगा लॉक डाउन, मन में लड्डू कई फूटने लगे एक साथ, सोचा चलो कुछ दिन साथ रहेंगे हम , भागमभाग में कब होता दिन , कब होती रात , न वो जानते न मुझे होता मालुम, काम के पीछे भागते ही रहते हमेशा। पर सोचा न था […]

कविता

कोरोना

आज शाम का नज़ारा, बहुत अद्भुत था , हर एक के मन को, रोमांचित कर रहा था।। हर कोई एक जुट हो कर , तैयार था लड़ने को , “कोरोना ” वाली बीमारी से, कोरोना तुम ही नहीं , सभी देश के दुश्मन को , सबक है आज मिला , जरूरत हुई तो देशवासी, हर […]