गीत/नवगीत

तुमको हर घडी…

तुमको हर घडी, यूं ढूढता हूं मैं.. जैसे जिन्दगी हो तुम मेरी तुमको हर घडी, यूं ढूंढता हूं मैं.. जैसे बंदगी हो तुम मेरी… बिना तेरे यारा मेरे, मुझको एक पल भी चैन आऐ ना। देखूं ना तुझे यो एक पल भी, दिल मेरा चैन पाये ना॥ ऐसे लगता है मुझे, जैसे हर खुशी हो […]

गीत/नवगीत

यूं खिला है तुम्हारा, बदन ऐं हंसीं…

यूं खिला है तुम्हारा, बदन ऐं हंसीं ताज जूं, चाँदनी मे नहाया हुआ। वादियां हो गयी हैं, जवां और भी इनपे तेरी जवानी का, साया हुआ॥ इन हवाओं में हैं कुछ नशे का असर, या कि तेरे बदन की खुमारी है ये। घुल रही हैं फिजाओं में जादूगरी, या अदाओं की मस्ती तुम्हारी है ये॥ […]

गीत/नवगीत

इंतजार किसका है

उनको खबर नहीं है की आँखों में प्यार किसका है? मेरे दिलो-दिमाग में छाया ये खुमार किसका है? इक दीद की चाहत में मुद्दत गुजार दी फिर भी पूछते हैं वो की इंतजार किसका है? इस राह में ये नजरें उनको तलाशती हैं। हल्की सी कोई आहट होती तो झांकती हैं। शायद हवा का झोंका […]

गीत/नवगीत

वंदना…

विघ्नविनाशक, लम्बोदर हे गणनायक, गणराज। मंगलमूर्ती, एकदंत को दे रहे सब आवाज गणपति आन पधारो जी….. गणपति आन पधारो जी….. आंख बिछाए बैठे है शिवनंदन तेरी राहो में। आस लिए है दर्शन की करुणाकर सभी निगाहो में दे कर दर्शन दयावंत सौभाग्य संवारो जी…. गणपति आन पधारो जी….. गणपति आन पधारो जी….. हे पार्वती के […]

गीत/नवगीत

सत्कर्मों का मान

बैकुंठ गए सब देव, रहे हनुमान धरा पर। कलियुग में भी सत्कर्मों का मान धरा पर। भूत-प्रेत,बाधाएं मिटें, हो भक्ति की विजय। बल,विवेक,विद्या के दाता बजरंगी की जय। भक्ति से है भक्तों का स्वाभिमान धरा पर। कलियुग में भी सत्कर्मों का मान धरा पर। चैत्र मास की पूनम , पवनसुत ने जन्म लिया। निज बाल […]

कविता गीत/नवगीत

आओ हिंदी दिवस मनाएं !

आओ हिंदी दिवस मनाएं ! प्रात भ्रमण में जो मिल जाए, उसको अपना गीत सुनाएँ, सुप्रभात अब बोलें हम सब, गुड मॉर्निंग को बाय बाय, आओ हिंदी दिवस मनाएं! मातु पिता गुरु के चरणों में, श्रद्धापूर्वक शीश नवायें, आओ हिंदी दिवस मनाएं! मुन्ने की अम्मा घरवाली, बाहर वाली सभी बहन जी, संभ्रांता देवी महोदया, माननीया […]

गीत/नवगीत

वाह शिवसेना के गीदड़

(जैन धर्म के पुण्य पर्व पर लगाये मांस के प्रतिबन्ध के विरोध में शिवसेना की धमकी पर आपत्ति जताती मेरी नई कविता) वाह ठाकरे बन्धु,आपने बहुत बहादुर काम किया, धर्म सनातन की शुचिता को पल भर में बदनाम किया, हिन्दू शब्द नही हठ धर्मी,सदियों से उपकारी है, सर्व धर्म का शुभचिंतक है, कभी नही व्यभिचारी है, […]

गीत/नवगीत

समुन्दर की लहरों सी…

समुन्दर की लहरों सी, शोखी तुम्हारी नदी जैसी अल्हड, मचलती जवानी। रति छुप रही है, दरीचों के पीछे हुई स्वर्ग की, अप्सरा पानी पानी॥ तेरा रूप देखे, पिघल जाये शम्मा तुझे देख जल जल के जल जाये शम्मा। झुकाने लगें है नजर ये नजारें बहारे करें झूम कर ता ता थम्मा॥ सुनाती है हर सब, […]

गीत/नवगीत

चेहरे पे बारिश की बूंदें …

चेहरे पे बारिश की बूंदें यूं ढलके, जैसे की शबनम की बूंदे गुलों पर। होठों पे यूं कर रही है शरारत, किरणें जो पहली गिरे कोपलों पर॥ भीगा सा आंचल यूं लिपटा बदन से, जैसे लता कोई बल खा के झूमे। बल खा के इतरा के झूमें है झुमके, मदहोशियों में कपोलों को चूमें॥ यूं […]

गीत/नवगीत

श्रीकृष्ण भजन

  हे नटवर, लीलाधारी अब आओ कृष्णमुरारी धरती संतप्त तुम्हारी आ जाओ हे गिरधारी मार-काट,बस लूट-पाट, अब ये दुनिया हैवान हुई बमधमाकों और गोलियों से ख़िल्क़त हलकान हुई आज कंस फिर जाग उठा है, कष्ट हरो बनवारी हे नटवर, लीलाधारी अब आओ कृष्णमुरारी धरती संतप्त तुम्हारी …….. आये दिन अबला की अस्मत लुटती है चौराहों […]