Category : बाल कविता

  • पांच बाल कवितायेँ

    पांच बाल कवितायेँ

    1-चूहे भाई ढूँढ़ कहीं से लाए रजाई छिपकर बैठे चूहे भाई। बाहर गिरे बर्फ़ के गोले, मुश्किल से थी जान बचाई।   2-बज गया बाजा चूहे की बारात जो आई बिल्ली ने फिर डाँट  लगाई ।...




  • एक है पिंटू

    एक है पिंटू

    एक है पिंटू, बड़ा ही नटखट करता बहुत , हर वक़्त शरारत ! तुतलाती तुतलाती मिट्ठी बोली पर करे , नाक में जब देखो दम एक पिंटू , रहता सब पे भारी भारी कर शैतानियाँ ,...

  • परिक्षा का डर

    परिक्षा का डर

    परिक्षा का आया ऐसा मंजर की हर बच्चे को लग रहा अब डर बहुत कर ली मनमौजी भैया अब याद आ रही सरस्वती मैया कहे एकता बात ये सच्ची यही बात नही लगती अच्छी स्कूल बहुत...

  • रोज सवेरे आता सूरज

    रोज सवेरे आता सूरज

    रोज सवेरे आता सूरज धूप सुनहली लाता सूरज छुट्टी मिलती कभी न इसको दिन भर दौड़ लगाता सूरज ।   जाड़े के दिन भाता सूरज गरमी में झुलसाता सूरज पड़ती है जब रिमझिम बारिश बादल में...

  • कम्प्यूटर

    कम्प्यूटर

    बड़े काम का है कम्प्यूटर करता है यह काम हमेशा सब कुछ जल्दी से निपटाता चलता है अविराम हमेशा |   जो भी इसमें तुम ढूँढोगे पाओगे सब इसके अंदर भैया करते गणित इसी पर मैं...

  • बच्चों को हरषाते बादल

    बच्चों को हरषाते बादल

    उमड़-घुमड़ कर आते बादल पेड़ों को नहलाते बादल ठंडा-ठंडा पानी देकर बच्चों को हरषाते बादल ।   पूरे अंबर में छा जाते पानी इतना कैसे लाते ? अपने हाथों ताल-तलैया पलभर में भर जाते बादल |...