Category : बाल कविता

  • नानाजी का तोहफ़ा

    नानाजी का तोहफ़ा

    पिछले रविवार को चुन्नु-मुन्नू बिट्टू के घर गए, बिट्टू की साइकिल को देख उनके सपने भर गए, चुन्नु मुन्नू से बोला, “देखो बिट्टू की साइकिल, उस पर बैठा बिट्टू देखो लगता है एक एंजिल।” मुन्नू फट...

  • दुर्गापूजा…

    दुर्गापूजा…

    आया दुर्गा पूजा का त्योहार चारो तरफ मॉ का जयकार हर मॉ के मंदिर में लगती है भक्तों की कतार धूप दीप नैवेद्य आरती लियें भक्तगण है तैयार जब-जब बढा असुरों का अत्यचार तब-तब मॉ ने...

  • प्यारा बचपन

    प्यारा बचपन

    आपस में खेले ऑख मिचौली तारों के संग छुपा -छुपी चॉद के संग दौडा-दौडी शोर मचाएँ होड मचाए करते आपस में हाथा पाई गुड्डा – गुड्डी खेल -खिलौने सब उनके सगे संबंधी साथ ही रोते साथ...

  • बाल कवितायेँ -३

    बाल कवितायेँ -३

     आम मेरे घर में पेड़ आम के ठंडी हवा बिखेरे शाम से। आम पके हैं डाली डाली उस पर कोयल कूके काली। गर्मी ठंड गयी लो गर्मी आई बंद हुए सब ऊनी कपड़े कम्बल और  रजाई।...

  • बाल कवितायेँ-2

    बाल कवितायेँ-2

    तितली तितली रानी तितली रानी बगिया की तुम हो महरानी। रंग बिरंगे   पंख  तुम्हारे देख  उन्हें  होती हैरानी। पवन संग उडती फिरती हो फूल फूल का रस पीती हो। अगर पकड़ना चाहे तुमको झट से नभ...

  • बाल कवितायेँ

    बाल कवितायेँ

    सूरज    पूरब की खिड़की से झांका लाल लाल सूरज का गोला । हुआ सवेरा  आंखे  खोलो चिड़िया बोली मुर्गा  बोला।     सवेरा सवेरा हुआ अब तुम जागो बिस्तर छोडो आलस  त्यागो। मुंह धोकर स्नान  करो...

  • प्रकृति से सीख

    प्रकृति से सीख

    फूलों से सीखो हमने मुस्कुराना काँटो से सीखो साथ निभाना नदियों से सीखो चलते जाना झरनों से सीखो गुनगुनाना चिडिया से सीखो चहचहाना कोयल से सीखो गीत गाना लताओं से सीखो नत जाना चट्टानों से सीखो...

  • बाल कविता

    बाल कविता

    मॉ मुझे दिला दो कन्हैया का मूरलीयॉ मैं भी बजाउगी बैठ कदम्ब की डलीयॉ सखी सहेलीयो को बुलाऊगा अपनी गलीयॉ हमे तुम सीखा दो कृष्ण का रहनीयॉ मैं भी अब बचाउगी द्रोपती की लजीयॉ सुदामा जैसे...

  • नानी  की कहानी

    नानी की कहानी

    चॉद ने चॉदनी बिखेरी मुन्ना मुन्नी को नानी याद आई मुन्नी बोली मैं नानी की कहानी सुनुँगी मुन्ना बोला मै तुमको नही सुनने दुँगा फिर दोनो मे हुई लङाई इतने मे नानी आ गई दोनो की...