Category : लेख


  • साहित्य बनाम प्रसिद्धि

    साहित्य बनाम प्रसिद्धि

    विचारों के अंतर्द्वंद से फूटता है; भावनाओं का ज्वालामुखी। निकलता है शब्दों का गर्म लावा; बिखर जाता है कागज के धरातल पर स्याही की तरह और जन्म लेती है…… एक कविता ,कहानी या गज़ल।। ——   कल्पना...

  • महाराजा सूरजमल जाट

    महाराजा सूरजमल जाट

    पं० मदन मोहन मालवीय ने सन् 1932 में दिल्ली में एक भव्य मन्दिर बनवाने की सोची। जिसे हम लक्ष्मी नारायण मन्दिर के नाम से आज जानते हेँ। इसकी आधारशिला के अवसर पर भारत वर्ष के राजा-महाराजाओं...

  • महात्मा गांधी का शिक्षा दर्शन

    महात्मा गांधी का शिक्षा दर्शन

    राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का व्यक्तित्व एवं कृतित्व आदर्शवादी रहा है। वे न केवल एक महान राजनीतिज्ञ, दार्शनिक, विचारक और समाज सुधारक थे वरन अपने युग के एक महान शिक्षा शास्त्री भी थे। गांधी जी ने शिक्षा...






  • अखबार पढ़ने की कला

    अखबार पढ़ने की कला

    किस भी कार्य को सम्पादित करने में जो तथ्य सबसे महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है,वह है-रुचि। यदि आपकी रुचि संगीत सुनने में है तो आप स्वयं ही अपने व्यस्त दिनचर्या में भी उसके लिए समय निकाल...