गीत/नवगीत

जब तुम हो साथ सनम

तुम मुस्काते रहना , बदलेगें ये हालात सनम ।
हर हाल में हम खुश है, जब तुम हो साथ सनम ॥

इन बांहों मे दुनियां मेरी, इस चेहरे मे रब आये नजर
जब से मन मंदिर बसे हो तुम, दुनियां मेरी गयी और संवर॥
जब साथ तुम्हारा है दिलवर, किस बात है फिर गम…….
हर हाल में हम खुश है, जब तुम हो साथ सनम……

तुम चैन करार मेरे दिल का, तुम नींद भी हो तुम ख्वाब भी हो।
तुम दीप मेरे अंधियारों का, तुम गीत भी हो तुम राग भी हो।
तुम प्रीत भी हो अनुराग भी हो, तुम दिल की हो धडकन…..
हर हाल में हम खुश है, जब तुम हो साथ सनम………

क्या लेना चमन बहारों में, इन ललित चमन गुलजारों में।
हम तो जन्नत पा लेते है , तेरी बांहों के हारों मैं।
सांसों की सरगम से खिल उठता है, मन का उपवन….
हर हाल में हम खुश है, जब तुम हो साथ सनम……

सतीश बंसल

*सतीश बंसल

पिता का नाम : श्री श्री निवास बंसल जन्म स्थान : ग्राम- घिटौरा, जिला - बागपत (उत्तर प्रदेश) वर्तमान निवास : पंडितवाडी, देहरादून फोन : 09368463261 जन्म तिथि : 02-09-1968 : B.A 1990 CCS University Meerut (UP) लेखन : हिन्दी कविता एवं गीत प्रकाशित पुस्तकें : " गुनगुनांने लगीं खामोशियां" "चलो गुनगुनाएँ" , "कवि नही हूँ मैं", "संस्कार के दीप" एवं "रोशनी के लिए" विषय : सभी सामाजिक, राजनैतिक, सामयिक, बेटी बचाव, गौ हत्या, प्रकृति, पारिवारिक रिश्ते , आध्यात्मिक, देश भक्ति, वीर रस एवं प्रेम गीत.