गीत/नवगीत

पगला गये सु शासन बाबू बातें करते हैं बेमानी

पगला गये सु शासन बाबू बातें करते हैं बेमानी
भूल गए हैं सन सैतालिस क्रूर भेडियो की मनमानी

लाखो काटे गये नि हत्थे पटी शवों से ट्रेने आईं
बलत्कार बहनो ने झेलें रोई बिलख बिलख तरुणाई
भूल गए भारत विकास में स्वयम सेवको की क़ुरबानी
पगला गये सु शासन बाबू बातें करते हैं बेमानी

याद उन्हें करलो जो कहते दो घंटे को फ़ोर्स हटाओ
हम वो हाल करेंगे जिसको तुम सदियों तक भूल न पाओ
सत्ता के लालच ने तुम क्यों फिर गढ़ते हो नई कहानी
पगला गये सु शासन बाबू बातें करते हैं बेमानी

संघ मुक्त भारत मत सोचो पहले भ्र्ष्टाचार मिटाओ
शिक्षा भूख गरीबी वाले सारे मुद्दों को निपटाओ
करो चमत्कृत सकल विश्व को लोग कहें तुमको लासानी
पगला गये सु शासन बाबू बातें करते हैं बेमानी

मनोज श्रीवास्तव

*डॉ. मनोज श्रीवास्तव

1 -डॉ मनोज श्रीवास्तव (विद्यावाचस्पति) ex( pb no 2761 ) वरिष्ठ प्रबन्धक प्रशिक्षण ( 11 अप्रैल 1978 से 31 दिसम्बर 2010 ) 2 - जन्म तिथि 1 जनवरी 1951 3 - जन्म स्थान - ननिहाल में (म प्र ) जबलपुर पालन पोषण -शिक्षा-दीक्षा लखनऊ उप्र में ( भारतीय बालिका विद्यालय लखनऊ_नेशनल इंटर कालेजलखनऊ -हीवेट पॉलिटेक्निक लखनऊ स्नातक- IIIE मुंबईसे औद्योगिक अभियंत्रण में 4 -प्रकाशित साहित्य - (1 ) महज़ सुकरात का डर है (गज़ल संग्रह ) 2001 एक नुक्ता -पदम श्री स्व के पी सक्सेना जी (2 ) जयघोष ( ओजस्वी रचनाए ) 2004 आशीर्वचन पद्म विभूषण श्री गोपाल दास नीरज जी (3 ) दुनिया एक मुसाफिर खाना (अध्यात्म )2013 आशीर्वचन पद्म विभूषण श्री गोपाल दास नीरज जी avm DR KUMAR VISHVAS 5 -पूर्व में प्राप्त पुरस्कार / सम्मान आदि का विवरण - 1 दिव्य नर्मदा अलकरण अभियान -बेलगाम कर्नाटक 2003 - 2 कादंबरी पुरस्कार (स्व पं भवानी प्रसाद तिवारी ) जबलपुर 2012 6 - अन्य साहित्यिक उपलब्धियाँ उत्तर प्रदेश अंडमन -निकोबार पंजाब बिहार मप्र छत्तीस गढ़ ओडिसा दिल्ली आदि स्थानो में कवि सम्मेलनों में काव्यात्मक संचालन तथा आकाशवाणी के विभिन्न केन्द्रो एव दूर दर्शन में काव्यपाठ सरिता मुक्ता साप्ताहिक हिंदुस्तान पाञ्चजन्य उर्दू साहित्य आदि में प्रकाशित 7 - सम्पर्क सूत्र (दूरभाष सहित _ 0255 -2308055 mo no -09452063024 /08795988569 email - manoj .oj kavi @gmail . com डॉक्टर इंजीनियर काव्यात्मक संचालन मनोज श्रीवास्तव परिचय (66 )वर्षों का काव्य लेखन) विशिष्ट उपलब्धि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदत पत्र सातवें संकलन राष्ट्र गौरव में विशिष्ट काव्यात्मक संचालन सभी मंचों पर जन्मतिथि 0 1 0 1 9 51 ननिहाल जबलपुर में सेवानिवृत्त्त वरिष्ठ् प्रबंधक Training HAL Lucknow गांव - (म प्र ) जबलपुर ग्राम बिलहरी वाया कटनी स्नातक- IIIE मुंबईसे औद्योगिक अभियंत्रण में 4 -प्रकाशित साहित्य - (1 ) महज़ सुकरात का डर है (गज़ल संग्रह ) 2001 एक नुक्ता -पदम श्री स्व के पी सक्सेना जी (2 ) जयघोष ( ओजस्वी रचनाए ) 2004 आशीर्वचन पद्म विभूषण श्री गोपालदास नीरज जी (3 ) दुनिया एक मुसाफिर खाना (अध्यात्म )2013 आशीर्वचन पद्म विभूषण श्री गोपाल दास नीरज जी एवं सुप्रसिद्ध कवि एवं मंच संचालक डॉक्टर कुमार विश्वास (4) नए तेवर गजल संग्रह प्रकाशित 2017 साहित्य भूषण देवकीनंदन शांत प्रतिष्ठित शायर के के सिंह मयंक (5 ) गीत संग्रह सपन तुम्हारे नयन हमारे 2018 स्नेह आशीष श्री महेश चंद्र द्विवेदी भूतपूर्व डीजीपी एवं वरिष्ठ साहित्यकार आकलन वरिष्ठ गीतकार डॉ कैलाश निगम (6) बिन गुलाल के लाल (हास्य व्यंग )2019 में प्रकाशित आशीर्वाद _ वरिष्ठ व्यंग्यकार श्री गोपाल चतुर्वेदी समीक्षा_ सुप्रसिद्ध हास्य व्यंग कवि राजेंद्र पंडित 7वीं पुस्तक राष्ट्र गौरव मोदी जी के पत्र के साथ 2020 8वीं पुस्तक 60 वर्ष की काव्यात्रा 2024 9वी पुस्तक कविता की कविताई गायब 2024 10वीं पुस्तक यह भी गायब वह भी गायब 2025 11वीं पुस्तक कविताओं का कारवां 2025

One thought on “पगला गये सु शासन बाबू बातें करते हैं बेमानी

  • विजय कुमार सिंघल

    बहुत अच्छा गीत !

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