क्षणिका

हंसी खूबसूरती का ख़ज़ाना है,

जब दिल हंसता है,
तो पूरी दुनिया खिल उठती है,
हंसी बस खूबसूरत होती है,
बेइंतहा खूबसूरत होती है,
हंसी का हर रंग चटख होता है,
हंसी के हर रूप का एक अनोखा अर्थ होता है,
हंसी झांझर-सी झनकती है,
पायल-सी खनकती है,
सच्चा दोस्त हंसी की वजह बनता है,
हंसी मौन हो तो भी तरन्नुम सजता है,
हंसी खूबसूरती का ख़ज़ाना है,
जो हरदम खुश रहता है,
उसी ने यह राज़ जाना है.

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244

7 thoughts on “हंसी खूबसूरती का ख़ज़ाना है,

  • मनमोहन कुमार आर्य

    इन पंक्तियों में आपने शब्दों को बहुत सूंदर रूप देकर पिरोया है। पढ़कर अच्छा लगा। सादर।

  • डॉ रमा द्विवेदी

    हंसी खूबसूरती का ख़ज़ाना है,
    जो हरदम खुश रहता है,
    उसी ने यह राज़ जाना है….वाह बहुत सच ,बहुत खूब ,बधाई आदरणीया

    • लीला तिवानी

      प्रिय सखी डॉ रमा जी, अति सुंदर प्रतिक्रिया के लिए आभार.

  • हंसी वाकई एक अनमोल खजाना है ,जिस के पास हो वोह हमेशा धनि रहेगा क्योंकि हंसी बांटने में यह आनंद रूपी धन और बड़ेगा.

    • लीला तिवानी

      प्रिय गुरमैल भाई जी, आपने बिलकुल दुरुस्त फरमाया है. हंसी बांटने में यह आनंद रूपी धन और बढ़ेगा. अति सुंदर प्रतिक्रिया के लिए आभार.

    • लीला तिवानी

      प्रिय गुरमैल भाई जी, आपने बिलकुल दुरुस्त फरमाया है. हंसी बांटने में यह आनंद रूपी धन और बढ़ेगा. अति सुंदर प्रतिक्रिया के लिए आभार.

    • लीला तिवानी

      प्रिय सखी डॉ रमा जी, अति सुंदर प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया.

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