कविता

कैसा है ए देश महान ?

कैसा है ए देश महान ?
उसकी ही पूजा होती है
बाँट दिया जो हिन्दुस्तान
बिना खड्ग बिन ढाल मिली
आजादी कबतक भ्रम पाले
दूर क्षितिज तारो में बैठे
रोते है जलियाँ वाले
पूंछ रहे है भगत सिंह
क्या उनके खून का मोल नहीं
हंस के चढ़े जो फांसी पर
उनका कोई तौल नहीं
झूठ बोलते हो क्यों
चरखे से मिली है आजादी
कौन करे विश्वास भला
आजादी लाइ है खादी
आखिर किस दिन देश करेगा
झूठ और सच की पहचान
कायर पुरुषो का कोई
इतिहास नहीं होता है
शमशानों में कभी कोई
परिहास नहीं होता है
भारत खंड खंड होगा
जे न यू वाले कहते है
उधम के संतान भला
कैसे इस बात को सहते है
कबतक गाते रहोगे आखिर
बेईमानो के तुम गुणगान

राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय

रिटायर्ड उत्तर प्रदेश परिवहन निगम वाराणसी शिक्षा इंटरमीडिएट यू पी बोर्ड मोबाइल न. 9936759104