कविता

धर्म और राजनीति

धर्म और राजनीति
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जब धर्म और राजनीति आपस में मिल जाते हैं
तब मानवता के आशियाने जलाये जाते हैं |

कानून लोटता है ढोंग के चरणों में,
तब आतंक के बादल खूब बरसते हैं |

सदियों पुराना वो इतिहास गवा है
स्वार्थ में एकलव्यों के अँगूठे दक्षिणा में लिए जाते हैं |

कुर्सी की खातिर बसे – बसाये नगर उजाड़े जाते हैं
नेताओं के द्वारा जलती चिताओं पर फुलके सेके जाते हैं |

जब अंधभक्ती के सागर अंधे होकर हिलोरे लेते हैं
तब बाबाओं के दरबारों में अय्याशी के रास रचाये जाते हैं ||

__ मुकेश कुमार ‘ ऋषि वर्मा ‘
गॉव रिहावली, डाक तारौली गुर्जर,
फतेहाबाद-आगरा, 283111

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

नाम - मुकेश कुमार ऋषि वर्मा एम.ए., आई.डी.जी. बाॅम्बे सहित अन्य 5 प्रमाणपत्रीय कोर्स पत्रकारिता- आर्यावर्त केसरी, एकलव्य मानव संदेश सदस्य- मीडिया फोरम आॅफ इंडिया सहित 4 अन्य सामाजिक संगठनों में सदस्य अभिनय- कई क्षेत्रीय फिल्मों व अलबमों में प्रकाशन- दो लघु काव्य पुस्तिकायें व देशभर में हजारों रचनायें प्रकाशित मुख्य आजीविका- कृषि, मजदूरी, कम्यूनिकेशन शाॅप पता- गाँव रिहावली, फतेहाबाद, आगरा-283111

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