गीत/नवगीत

गीत “जालजगत की शाला है”

जीवन में अँधियारा, लेकिन सपनों में उजियाला है।
आभासी दुनिया में होता, मन कितना मतवाला है।।

चहक-महक होती बसन्त सी, नहीं दिखाई देती है,
आहट नहीं मगर फिर भी, पदचाप सुनाई देती है,
वीरानी बगिया को जो, पल-पल अमराई देती है,
शिथिल अंग में यौवन की, आभा अँगड़ाई लेती है,
कभी नहीं मुरझाती, सुमनों की ये मंजुल-माला है।
आभासी दुनिया में होता मन कितना मतवाला है।।

मौसम चाहे कोई भी तो, पलता है मधुमास सदा,
स्वप्न दिखाती स्वर्गलोक के, आकर परियाँ यदा-कदा,
आभासी दुनिया की होती, बहुत निराली प्रियंवदा,
यहाँ दिखाई देती सबको, धरा-गगन की अलग अदा,
पाठ पढ़ाती बिना दाम के, जालजगत की शाला है।
आभासी दुनिया में होता, मन कितना मतवाला है।।

जैसी जिसकी रुचियाँ होतीं, वैसा इसमें माल भरा,
बंजर नहीं कभी होती है, चन्दनवन की वसुन्धरा,
सपनों की आजादी पर, कैसे सैनिक कैसा पहरा,
पठन-मनन का इस बगिया से, होता है नाता गहरा,
माया नगरी के महलों में, रहता सदा उजाला है।
आभासी दुनिया में होता, मन कितना मतवाला है।।

भाँति-भाँति के रंग उभरते, पल-पल जिसके आँचल पर,
दृष्टि हमेशा जिसकी रहती, विश्वपटल की हलचल पर,
जहाँ निरन्तर बहती रहती, गंगा-यमुना है भूतल पर,
रत्नों का भण्डार खोज लो, जा करके सागर-तल पर,
अमल-धवल ये लोक अनोखा, लगता भोला-भाला है।
आभासी दुनिया में होता, मन कितना मतवाला है।।

(डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

*डॉ. रूपचन्द शास्त्री 'मयंक'

एम.ए.(हिन्दी-संस्कृत)। सदस्य - अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग,उत्तराखंड सरकार, सन् 2005 से 2008 तक। सन् 1996 से 2004 तक लगातार उच्चारण पत्रिका का सम्पादन। 2011 में "सुख का सूरज", "धरा के रंग", "हँसता गाता बचपन" और "नन्हें सुमन" के नाम से मेरी चार पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। "सम्मान" पाने का तो सौभाग्य ही नहीं मिला। क्योंकि अब तक दूसरों को ही सम्मानित करने में संलग्न हूँ। सम्प्रति इस वर्ष मुझे हिन्दी साहित्य निकेतन परिकल्पना के द्वारा 2010 के श्रेष्ठ उत्सवी गीतकार के रूप में हिन्दी दिवस नई दिल्ली में उत्तराखण्ड के माननीय मुख्यमन्त्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा सम्मानित किया गया है▬ सम्प्रति-अप्रैल 2016 में मेरी दोहावली की दो पुस्तकें "खिली रूप की धूप" और "कदम-कदम पर घास" भी प्रकाशित हुई हैं। -- मेरे बारे में अधिक जानकारी इस लिंक पर भी उपलब्ध है- http://taau.taau.in/2009/06/blog-post_04.html प्रति वर्ष 4 फरवरी को मेरा जन्म-दिन आता है