कविता

पर्यावरण

आओ मिलकर मुहिम चलाएं , घर – घर में संदेश पहुंचाएं ,
पेड़ लगाएं , पर्यावरण बचाएं , धरती को हम स्वर्ग बनाएं ।
हरियाली को और बढ़ाओ , धधकती ज्वाला सुर्य की घटाओ,
ओज़ोन परत को करो सुरक्षित , प्रकृति को नुक्सान से बचाओ ।
गाड़ी का प्रयोग कम करो तुम , चल कर पैदल स्वस्थ रहो तुम
थैले बनाओ कपड़े  के तुम  , प्लास्टिक का त्याग करो तुम  ।
केवल जीव्हा स्वाद के लिए मूक जीवों को ना सताओ कभी
जल ही से जीवन है , जल को ना यूं बर्बाद करना  कभी  ।
बर्खा का बहाना ये पेड़ हैं , औषधि का ख़ज़ाना ये पेड़ हैं
तुफ़ानो और बाढ़  से बचाते  प्रकृति की सुंदरता पेड़  हैं ।
मुक जीवों पर दया कमाएं ,जल- वायु को भी बचाएं , घर –
घर में सन्देश पहुंचाएं , लगा कर के पेड़ प्रयावरण बचाएं ।
— प्रेम बजाज

प्रेम बजाज

जगाधरी (यमुनानगर)