कविता

गंभीर बात

आज जो बारिश हो रही है,

उनकी आवाज सुनी आपने !

यह ‘रिमझिम’ नहीं,

‘रुनझुन’ कह रही है?

××××

कोई पुरुष अगर

पत्नी के बदले दाई खोजे

और कोई स्त्री अगर

पति के बदले नौकर खोजे,

तो ऐसे परिवार में कभी

लगड़े-झगड़े ही नहीं होंगे?

××××

नारीवादियों को….

‘तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त’

‘गोरे -गोरे मुखड़े पे

काला -काला तिल’

आदि गाने पर

रोक लगानी चाहिए !

क्यों ?

××××

‘चोली के पीछे क्या है?

चुनरी के नीचे क्या है?

क्या इस गाने पर

प्रतिबंध नहीं लगनी चाहिए ?

××××

हर तरह की ‘बलि’ एक कुप्रथा है,

इस पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए !

प्रतीक स्वरूप

कुम्हड़ा, कद्दू या नैनवा

इत्यादि भी क्यों ?

 

डॉ. सदानंद पॉल

एम.ए. (त्रय), नेट उत्तीर्ण (यूजीसी), जे.आर.एफ. (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार), विद्यावाचस्पति (विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, भागलपुर), अमेरिकन मैथमेटिकल सोसाइटी के प्रशंसित पत्र प्राप्तकर्त्ता. गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स इत्यादि में वर्ल्ड/नेशनल 300+ रिकॉर्ड्स दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 12,000+ रचनाएँ और संपादक के नाम पत्र प्रकाशित. गणित पहेली- सदानंदकु सुडोकु, अटकू, KP10, अभाज्य संख्याओं के सटीक सूत्र इत्यादि के अन्वेषक, भारत के सबसे युवा समाचार पत्र संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में अर्हताधारक, पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.