लघुकथा

राहत

नवंबर की ठंड अपने पूरे शबाब पर चल रही थी. पंखे बंद थे, पर अदिति के विचारों के पंख अपनी पूरी उड़ान पर थे.

दृढ़ संकल्प करके आज रात अदिति चैन-राहत की नींद सो पाई थी. उसने अपने नाम का अर्थ पढ़ा- ”पूर्णता, स्वतंत्रता, रचनात्मकता, सुरक्षा, बहुतायत.” उसे राहत का मंत्र मिल गया था.

स्मृतियों के झरोखे बता रहे थे कि थोड़ी-सी समझदारी से अदिति कैसे राहत पा लेती थी!

उसे दिन-रात सोते समय एक मच्छर तंग करता था. उसने अटैच्ड वाशरूम का दरवाजा बंद रखना शुरु कर दिया. राहत मिल गई थी.

सुबह योग-व्यायाम करते समय हरा नाइट लैंप आखों में चुभ रहा था, बंद कर दिया. राहत मिल गई.

मिसेज डूडेजा को समोसों से बहुत प्यार था, इसलिए वह पूरे स्टॉफ के लिए रोज समोसे मंगवाती थीं. अदिति को लगा कि सबको पेट में अल्सर हो जाएगा. उसने समोसे की जगह फल खाना-खिलाना शुरू किया, तन-मन को राहत मिल गई.

न जाने कैसे वह रमोला की चिकनी-चुपड़ी बातों में आ गई थी! उसने अपना हुनर और पैसा उसके बिजनेस में लगा दिया था, अब रमोला अपना असली रंग दिखाने लग गई थी. उसने अपनी राहत को मानो गिरबी रख दिया था. चाहकर भी उसके चंगुल से निकल नहीं पा रही थी.

तभी उसके सामने एक सुविचार आ गया-
”अच्छा कंबल हो तो ठंड से राहत मिलती है,
बस दृढ़ संकल्प का संबल साथ हो तो,
अच्छी नींद, शांति, आनंद और राहत की सौगात मुफ्त मिलती है.”

उसे अच्छी नींद, शांति, आनंद और राहत की ही तो जरूरत थी.

इसी दृढ़ संकल्प के कारण उसने सोच लिया था, कि उसका हुनर तो उसके साथ ही है. हुनर है तो सब कुछ मिल जाएगा. इसी सोच के साथ उसने रमोला को अपने निर्णय से अवगत कराने के लिए मोबाइल उठा लिया.

बंधन-मुक्त रहने में कितनी राहत है, उसने समझ लिया था

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सुदर्शन भाई ने मेल द्वारा 100 स्वास्थ्य-नुस्खे भेजे हैं, जिन्हें हर रोज किस्तों में
आपके समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. प्रस्तुत है-
सुदर्शन भाई द्वारा प्रेषित सबके जानने योग्य 5 स्वास्थ्य-नुस्खे भाग- 1

1.योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।
2. लकवा – सोडियम की कमी के कारण होता है ।
3. हाई वी पी में – स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करे ।
4. लो बी पी – सेंधा नमक डालकर पानी पीयें ।
5. कूबड़ निकलना- फास्फोरस की कमी ।

संयोग से ये नुस्खे भी राहत का एक हिस्सा हैं.

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244

One thought on “राहत

  • लीला तिवानी

    अद्भुत राहत की बात-
    पीली सरसों का करें इस तरह सेवन, पेट की गैस से पाएं तुरंत राहत
    पेट की गैस और जलन को शांत करने के लिए पीली सरसों के दानों का सेवन गुनगुने पानी के साथ करें। आपको कुछ ही मिनट के अंदर आराम मिलेगा और आप खुद को काफी हल्का महसूस करेंगे.

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