लघुकथा

करनी

बाहर से कानफाड़ू संगीत और बीच-बीच में तेज- हंसी मजाक की आवाजें बता रहीं थीं कि पार्टी अभी काफी देर तक चलेगी । भूख से कुलबुलाती राधिका अम्मा अपनी बहू को कोसने ही वाली थी कि उनकी नजर फ्रेम में सजी अपनी सास की फ़ोटो पर चली गई ।
“अम्मा भी तो ऐसे ही … ” , अपनी करनी को याद करते हुए उन्होंने पाया कि आज उनकी आंखें भी नम थीं।
अंजु गुप्ता

*अंजु गुप्ता

Am Self Employed Soft Skill Trainer with more than 24 years of rich experience in Education field. Hindi is my passion & English is my profession. Qualification: B.Com, PGDMM, MBA, MA (English), B.Ed