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‘गुमनाम नायक’ की पहली कड़ी में डॉ. पॉल

मनिहारी अनुमंडल के नवाबगंज निवासी और पीएलएसएन गर्ल्स इंटर कॉलेज, मनिहारी के वरीय प्राध्यापक डॉ. सदानंद पॉल अब किसी परिचय का मोहताज नहीं है, किन्तु उनकी विविध कार्यों को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने के लिए ‘गुमनाम नायक’ चैनल ने डॉ. सदानंद पॉल की लघु दास्तान को लेकर यूट्यूब पर 70 सेकंड का ऑडियो-वीडियो बनाया है, जिसकी पहली कड़ी ही उनके बारे में है। यह 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर प्रसारित हुई है। ‘गुमनाम नायक’ की दूसरी कड़ी में वैज्ञानिक अखिलेश कुमार और तीसरी कड़ी में इंजीनियर अर्जुन कुमार के बारे में है। प्रतिदिन एक कड़ी प्रसारित हो रही है।

‘गुमनाम नायक’ के प्रस्तुतकर्त्ता ने डॉ. सदानंद पॉल के बारे में कहा है- “हम हर रोज  जाने-अनजाने  न जाने कितने ही लोगों से मिलते हैं, मिलते रहते हैं। गाहे-बगाहे भी कई लोग हमारी मदद बगैर किसी स्वार्थ के कर देते हैं और हमें वह मददगार व्यक्ति शुक्रिया करने का मौका तक नहीं देते। यह चैनल ऐसे ही लोगों की ज़िन्दगी के बारे में लघु दास्ताँ है, जो निःस्वार्थ मन से किसी न किसी फील्ड में मानवता की मदद कर रहे हैं, करते आये हैं। यह चैनल हमारी तरफ से उन सभी नायकों को धन्यवाद अर्पित है, जो इंसानियत को ज़िंदा रखे हुए हैं। इसकी पहली कड़ी में ऐसे व्यक्तित्व के बारे में, जिन्होंने आरटीआई के द्वारा हजारों लोगों की मदद किये हैं और अखबारों में अनगिनत पत्र जनहित में लिखकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर बने हैं। वे लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर हैं, नेशनल अवॉर्डी हैं, संस्कृति मंत्रालय के फ़ेलो हैं। कई पुस्तकों के रचयिता हैं, तो स्वदेशी गणित पहेलियों के अन्वेषक भी। शिक्षाविद और सोशल एक्टिविस्ट भी। डॉ. सदानंद पॉल के कार्यों को हम सलाम और प्रणाम करते हैं।”

सनद रहे, डॉ. सदानंद पॉल ने पिताजी के जन्मदिन 10 जनवरी 2022 को केपीटेन नामक गणित पहेली बनाकर पिताजी को उपहारस्वरूप भेंट किए, जिसे ‘बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ ने इंटरनेशनल रिकॉर्ड्स के रूप में मान्यता प्रदान किया है। यह भारत में निर्मित तथा डॉ. सदानंद पॉल के द्वारा अन्वेषित तीसरा स्वदेशी गणित पहेली है। पहला गणित पहेली ‘सदानंदकु’ उनके द्वारा वर्ष 2020 में खोजे गए, तो नानाजी के स्मृति में उनके नाम पर दूसरा गणित पहेली 2021 में ‘अटकू’ बनाए। ज्ञात हो, डॉ. पॉल का नाम लगातार 21 बार पद्म अवार्ड के लिए नामांकित हुआ है, तो उनके नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, स्टार वर्ल्ड रिकॉर्ड्स सहित ग्रेट ब्रिटेन के ‘रिकॉर्ड्स होल्डर्स रिपब्लिक’ में दर्ज हैं। साहित्यकार के तौर पर उनकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है, उन्हें कविता के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं, तो बिहार राष्ट्रभाषा परिषद ने भी उन्हें पुरस्कृत किया है। अखिल भारतीय विज्ञान सम्मेलन में भी वे बिहार का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। डॉ. पॉल पर ‘गुमनाम नायक’ के इस ऑडियो-वीडियो को मनिहारी क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने अद्भुत बताए हैं।

डॉ. सदानंद पॉल

एम.ए. (त्रय), नेट उत्तीर्ण (यूजीसी), जे.आर.एफ. (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार), विद्यावाचस्पति (विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, भागलपुर), अमेरिकन मैथमेटिकल सोसाइटी के प्रशंसित पत्र प्राप्तकर्त्ता. गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स इत्यादि में वर्ल्ड/नेशनल 300+ रिकॉर्ड्स दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 12,000+ रचनाएँ और संपादक के नाम पत्र प्रकाशित. गणित पहेली- सदानंदकु सुडोकु, अटकू, KP10, अभाज्य संख्याओं के सटीक सूत्र इत्यादि के अन्वेषक, भारत के सबसे युवा समाचार पत्र संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में अर्हताधारक, पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.