सामाजिक

अंतरराष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस

आज 25 मई को अंतरराष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस है. यह दिन उन गुमशुदा बच्चों के लिए मनाया जाता है जो किसी तरह अपने घर पहुँच चुके है. उन लोगों को याद रखने के लिए जो अपराध के शिकार हैं, और उन लोगों की तलाश करने के प्रयास जारी रखने के लिए जो अभी भी लापता हैं. 25 मई को अब व्यापक रूप से मिसिंग चिल्ड्रन्स डे मनाया जाता है.
बहुत-से शरारती तत्व बच्चों को उठा ले जाते हैं. कभी उनसे मनचाहा, यहां तक कि चोरी-चकारी का काम भी करवाते हैं. खुद पकड़े जाने पर भी उनको आगे कर देते हैं. कई बच्चों को अपाहिज बना कर भीख मानगने के लिए विवश कर दिया जाता है. कई बच्चे घर से परेशान होकर किसी लालसा से भाग जाते हैं. अनेक बार बच्चे मेले आदि में परिवार से बिछुड़ जाते हैं. कभी-कभी आपसी रंजिश / दुश्मनी के कारण बच्चों को उठा लिया जाता है. छोटे बच्चे छोटी खिड़की / रोशनदान से अंदर जाकर दरवाजा खोल सकते हैं और आराम से चोरी-चकारी, लूट-पाट के काम को अंजाम दिया जा सकता है. पुलिस इनको ढूंढ निकालने का प्रयास करती है और कई बार नाटकीय ढन से सफल भी हो जाती है. कुछ लोग तो ऐसे बच्चों को ढूंढ निकालना अपना फर्ज समझते हैं. यही अंतरराष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस का मुख्य उद्देश्य है.

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244