शिशुगीत

जल्दी उठो

चिड़िया मैं कहलाती हूं,
मीठे गीत सुनाती हूं,
सुबह-सवेरे हरि-गुण गाकर,
जल्दी सबको जगाती हूं.
जल्दी उठना अच्छा होता,
समय बहुत-सा मिल जाता है,
चुस्ती और तंदुरुस्ती पाकर,
तन-मन खुश हो जाता है.

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244