कविता

खुद को पढ़ रहा हूँ

मैं बन्द कमरे में खुद को पढ़ रहा हूँगा या कि

गर्मी की रात छत पर लेट 

महसूस रहा हूँगा तपिश तुम्हारी

और ताक रहा हूँगा 

तारों को 

जिनमें तुम्हारे होने का 

अहसास जिंदा हुआ होगा

मैं देख रहा हूँगा उन अनगिनत तारों में 

एक खास किस्म के तारे को 

या कि पैटर्न किसी तारा मण्ड़ल का 

तेरे जिंदा रहने के ख्याल 

आज भी जिंदा हैं मुझमें 

महसूस होता है के

एक लम्बी दूरी भी हमारे 

इश्क के दरम्यान 

बंधन पैदा नहीं करती

तुम्हारा वजूद ठीक वैसा ही है

जैसा अमलतास पर केसर की कल्पना

हाँ! ये सच है तुम दूर ही सही 

पर हो कहीं मेरे इर्द गिर्द 

होने के अहसास से भरपूर

वो लोग सबूत माँगते हैं

तुम्हारे होने या कि न होने का 

मेरे जज्बातों से हो बेखबर

और मैं बन्द कमरे में 

खुद को पढ़ रहा हूँ।

संदीप तोमर

संदीप तोमर

जन्म : 7 जून 1975 जन्म स्थान: खतौली, जिला- मुज़फ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) शिक्षा: एम एस सी (गणित), एम ए (समाजशास्त्र, भूगोल), एम फिल (शिक्षाशास्त्र) सम्प्रति : अध्यापन साहित्य: सच के आस पास(कविता संग्रह 2003), शब्दशिल्पी प्रकाशन, मौजपुर, दिल्ली टुकड़ा टुकड़ा परछाई(कहानी संग्रह 2005), नवोदित प्रकाशन, निहाल बिहार, दिल्ली शिक्षा और समाज (आलेखों का संग्रह 2010), निहाल पब्लिकेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, गोकलपुरी, दिल्ली महक अभी बाकी है (संपादन, कविता संकलन 2016), मुरली प्रकाशन, दिल्ली थ्री गर्लफ्रेंड्स (उपन्यास 2017), वीएल मिडिया सलूशन, उत्तम नगर, दिल्ली एक अपाहिज की डायरी (आत्मकथा 2018), निहाल पब्लिकेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, गोकलपुरी, दिल्ली यंगर्स लव (कहानी संग्रह 2019), किताबगंज प्रकाशन, गंगानगर, राजस्थान समय पर दस्तक (लघुकथा संग्रह 2020), इंडिया नेटबुक, नॉएडा एस फ़ॉर सिद्धि (उपन्यास 2021), डायमण्ड बुक्स, दिल्ली कुछ आँसू, कुछ मुस्कानें (यात्रा- अन्तर्यात्रा की स्मृतियों का अनुपम शब्दांकन, 2021) इंडिया नेटबुक, नॉएडा दीपशिखा (उपन्यास, 2023) अद्विक प्रकाशन, दिल्ली परम ज्योति (काव्य संग्रह , 2023) हर्ष पब्लिकेशन्स, दिल्ली सुकून की तलाश में (काव्य संग्रह , 2023) हर्ष पब्लिकेशन्स, दिल्ली