नामोनिशान मिट जाएगा
एक दिन यूं हो जाएगा
ये जहान जन्नत हो जाएगा
जब इंसान का नामोनिशान
मिट जाएगा इस जहान से !
पेड दरख्त नदी पहाड़ झरने
कुदरत के सामान जितने
सभी बच जाएगे
गर इंसान का नामोनिशान
मिट जाएगा इस जहान से !
सच झूठ फरेब दगा
धर्म अधर्म नफा-नुकसान
ईमानदारी बेईमानी
पाप पुण्य और कर्म का
हिसाब किताब खत्म हो जाएगा
गर इंसान का नामोनिशान
मिट जाएगा इस जहान से !
एक दिन यूं हो जाएगा
ये जहान जन्नत हो जाएगा !
— विभा कुमारी “नीरजा”
