मीठी मुस्कान
किया सोलह शृंगार,
बिना हँसी मुस्कान,
जैसे फीके पकवान।।
दुख-दर्द की दवा,
गम-तम में उजियार,
मधुरिम मीठी मुस्कान।।
बात-बात में उलझते,
पल-पल में उखड़ते,
रिश्तों को सजाए मुस्कान।।
कोयल की कूक मुस्कान,
थिरकता मयूर मुस्कान,
प्रेम अनुभूति मुस्कान।।
आओ सब मुस्कुराए,
परमानंद हम पाये,
खुशियां लाये मुस्कान।।
