हायकू
माणिक मोती,
शब्द आलोक ज्योति,
दिव्य उजास।।
हिय हुंकार,
प्रेम वीणा झंकार,
प्रणय बंध।।
चंदा चांदनी,
तारों सजी बारात,
मीठी सौगात।।
अमर प्रेम,
राधा रानी के राधे,
दिव्यता साधे।।
सांची मनीषा,
प्रेम की परिभाषा,
ग्रंथ महान।।
निर्मल धारा,
कलकल बहती,
हिय फुलोरा।।
प्रेम भक्ति से,
प्रभु परम हारा,
तारणहारा।।
