रावण की तुन्दी में
रावण की तुन्दी में गहरा बाण लगा है।
कहता देश ठगों ने सारा देश ठगा है।।
मंदिर में रहने वालों ने सेंध लगाई,
एक-एक शातिर सोने के साथ पगा है।
नींद नहीं आती है उसको करे रतजगा,
किसको अपना कहे न कोई एक सगा है।
चोर-चोर मौसेरे भाई जीजा-साले,
चाचा संग भतीजा करता संग दगा है।
थोड़ा नहीं करोड़ों पर की हाथ सफाई,
ऐयासी में जिसका कुर्ता पीत रँगा है।
सोना -चाँदी राम-रतन को जी भर लूटा,
गुबरैला सोने का समझें मत भुनगा है।
‘शुभम्’ देखना अभी शेष है धार तेल की,
हाथी पूरा बचा हुआ है शुण्ड दिखा है।
— डॉ.भगवत स्वरूप
