भोलेनाथ की महिमा और सावन
भोलेनाथ और सावन का नाता अटूट,
बरखा बहार के संग शिवमय है संसार,
शिव की अमित महिमा कही न जाए,
कल्याणकारी शिव जी की शक्ति अपार।
चारों ओर “हर-हर महादेव” के जयकारे,
शिव भोले के भक्त जीवन में कभी न हारे,
सावन की सुहानी ऋतु में खिले बेल-पत्र,
बह रहे शिवलिंग पर निरंतर रस के धारे।
बज रहे ढोल-नगाड़े, कांवड़िये कांवड़ ले चले,
धूप-छांव, आंधी-तूफान, बारिश उनको न खले,
शिव-जटा ने छोड़ी गंगा-धार, शीतल हुई धरा,
शिव-कृपा सी कावड़ियों के पुण्य कर्म भी हैं फले।
— लीला तिवानी
