भजन/भावगीत

भोलेनाथ की महिमा और सावन

भोलेनाथ और सावन का नाता अटूट,
बरखा बहार के संग शिवमय है संसार,
शिव की अमित महिमा कही न जाए,
कल्याणकारी शिव जी की शक्ति अपार।

चारों ओर “हर-हर महादेव” के जयकारे,
शिव भोले के भक्त जीवन में कभी न हारे,
सावन की सुहानी ऋतु में खिले बेल-पत्र,
बह रहे शिवलिंग पर निरंतर रस के धारे।

बज रहे ढोल-नगाड़े, कांवड़िये कांवड़ ले चले,
धूप-छांव, आंधी-तूफान, बारिश उनको न खले,
शिव-जटा ने छोड़ी गंगा-धार, शीतल हुई धरा,
शिव-कृपा सी कावड़ियों के पुण्य कर्म भी हैं फले।

— लीला तिवानी

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244