कविता

शराब मत पियो यारो

शराब मत पियो यारो
जिंदगी को
आंख बंदकर मत रखो
अपनी पत्नी को देखो
मासूम बच्चों को देखो
इन सब को तुमसे उम्मीद है
कुछ भविष्य है
तुम्हारे भविष्य के साथ
मत खींचो अंधेरे की ओर
टटोलने की जिंदगी मत बनाओ
एकदिन तुम्हारी दुनिया
वीरान जंगल हो जायेगी
तू देख दुनिया कहाँ जा रही है
और तू कहाँ जा रहा है
अपनी दिशा बदल
रोशनी तो ले ले

— जयचन्द प्रजापति “जय’

*जयचन्द प्रजापति

प्रयागराज मो.7880438226 jaychand4455@gmail.com