ई-अटेंडेंस का जमाना है
शिक्षक बोले-“बारिश” का बहाना है, ज़रा देर लगेगी,
प्राचार्य कहे-ये ई अटेंडेंस का जमाना एब्सेंट लगेगी।
छाता लेकर निकले गुरुजी, राहों में बादल घिर आए,
स्कूल पहुँचते-पहुँचते जूते भी “कीचड़” में धँस जाएँ।
बोले-“प्रकृति ने आज फिर मुश्किल बड़ी खड़ी की है,”
प्राचार्य ने कहा-“मगर मशीन ने हाजिरी पकड़ ली है!”
कक्षा में बच्चे पूछें-“आदरणीयजी, आज पढ़ाई होगी?”
गुरुजी बोले-“हमें बताओ, सबकी हाजिरी पूरी होगी?”
किसकी ऑनलाइन उपस्थिति हैं और नेटवर्क गायब,
ज्ञान भले ही रहें अधूरा, अटेंडेंस रहनी चाहिए साहब!
बारिश हो चाहे आँधी हो या रास्ते में पानी बहता मिले,
रजिस्टर में बस वही अच्छा जो समय पे हाजिर मिले।
शिक्षा की गाड़ी चलती रहे, चाहे मौसम कैसा भी लगे,
गुरुजी देर से आएँ तो बहाना, बच्चे देर से एब्सेंट लगे!
— संजय एम तराणेकर
