जीवन एक रंगमंच
जीवन एक रंगमंच है,
हर इंसान मात्र कठपुतली,
जिसकी डोर ईश्वर के हाथ में,
हर इंसान सिर्फ एक मोहरा है,
जिसका नियंत्रण ईश्वर के हाथ में,
सब अपना-अपना किरदार निभाते हैं,
अचानक समय समाप्त,
और पूर्ण विराम।
— लीला तिवानी
जीवन एक रंगमंच है,
हर इंसान मात्र कठपुतली,
जिसकी डोर ईश्वर के हाथ में,
हर इंसान सिर्फ एक मोहरा है,
जिसका नियंत्रण ईश्वर के हाथ में,
सब अपना-अपना किरदार निभाते हैं,
अचानक समय समाप्त,
और पूर्ण विराम।
— लीला तिवानी