कविता

वरिष्ठ नागरिक आशीर्वाद हैं

(वरिष्ठ नागरिक दिवस- 21 अगस्त विशेष)
विधा- कविता
शीर्षक- वरिष्ठ नागरिक आशीर्वाद हैं

वरिष्ठ नागरिक बोझ नहीं हैं,
आशीर्वाद हैं,
पालन-पोषण-प्रेरणा से,
करते आबाद हैं।

वरिष्ठ नागरिक घर की रीढ़ हैं,
सहारा देते हैं,
अनुभवों के आगार हैं,
सही सलाह देते हैं।

क्रोध करना एक विकार है,
वे बताते हैं,
मन को भटकाने वाली राह से,
वे बचाते हैं।

बिना वजह भी खुशी महसूस करो,
उनकी खुशी का राज,
बुजुर्गियत में वे अकेले न पड़ जाएं,
बजाते रहना ऐसा साज।
स्वरचित और मौलिक
लीला तिवानी
सम्प्रति ऑस्ट्रेलिया

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244