कुण्डली/छंद त्रिभंगी छंद *चंचल जैन 23/08/202623/08/2026 उत्सव मनभावन, राखी पावन, बहना का है, मन भाया। हिय परमानंदा, रेशम फुंदा, सजे कलाई, शुचि माया। है भ्रात बहन का शुभाशीष का, रिश्ता चंदन, माँ जाया। राखी हैं मंगल, भाई संबल, ठंडी-ठंडी, है छाया।।