भजन/भावगीत

बम बम भोले बोल

सावन शिव का पावन महिना, बम बम भोले बोलो रे।
दूध दही घृत शिव अर्पण कर,शिव शिव शिव शिव जपलो रे।

शिव कल्याण करेंगे सबका, शिव ही मंगलकारी है।
शिवमय ही सारी दुनियाँ है, शिव अनुपम सूखकारी है।
आशुतोष अवढ़रदानी से, सच्ची लगन लगा लो रे।
सावन शिव का पावन महिना, बम बम भोले बोलो रे।

दूध दही और गंगा जल से, शिव जी का अभिषेक करो ,
बेलपात मंदार पुष्प से, शिव जी का श्रंगार करो ,
आशुतोष वरदानी शिव से, जीवन का सुख पालो रे।
सावन शिव का पावन महिना, बम बम भोले बोलो रे।

हे गंगाधर हे डमरूधर हे त्रिपुरारी अभयंकर,
हे शशि शेखर हे राजेश्वर, नीलकंठ हे शिव शंकर,
दीन हीन मति मंद पुकारूँ, अपनी शरण लगालो रे।
सावन शिव का पावन महिना, बम बम भोले बोलो रे।

भोलेनाथ कृपालु दयामय, परम ब्रह्म हे शिवयोगी,
निमिष मात्र मे दे देते हैं निधि मनमानी शिव योगी,
इनकी भक्ति का रस पीकर, जीवन धन्य बनालो रे।
सावन शिव का पावन महिना, बम बम भोले बोलो रे।

— मंजूषा श्रीवास्तव “मृदुल”

*मंजूषा श्रीवास्तव

शिक्षा : एम. ए (हिन्दी) बी .एड पति : श्री लवलेश कुमार श्रीवास्तव साहित्यिक उपलब्धि : उड़ान (साझा संग्रह), संदल सुगंध (साझा काव्य संग्रह ), गज़ल गंगा (साझा संग्रह ) रेवान्त (त्रैमासिक पत्रिका) नवभारत टाइम्स , स्वतंत्र भारत , नवजीवन इत्यादि समाचार पत्रों में रचनाओं प्रकाशित पता : 12/75 इंदिरा नगर , लखनऊ (यू. पी ) पिन कोड - 226016